America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लिंकन मेमोरियल और अर्लिंग्टन नेशनल सिमेट्री के बीच वे जो विशाल मेहराब (आर्च) बनाना चाहते हैं, वह एक “टॉप-ग्रेड मिलिट्री कॉम्प्लेक्स” बन जाएगा। इसमें ड्रोन और स्नाइपर तैनात करने के साथ-साथ गोला-बारूद रखने की सुविधा भी होगी।
ये इस बात का एक और उदाहरण है कि ट्रंप कैसे इस बात पर जोर दे रहे हैं कि व्हाइट हाउस और शहर को सुंदर बनाने की उनकी पहल सुरक्षा के मकसद से भी काम आएगी। ट्रंप नए व्हाइट हाउस बॉलरूम को “मिलिट्री कॉम्प्लेक्स” कहते रहे हैं और उनका तर्क है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ये जरूरी है।
पेंटागन ने कहा कि राष्ट्रपति के बयान के अलावा उसके पास कोई जानकारी नहीं है।
ट्रंप की ये घोषणा ऐसे समय में हुई है जब उनके दूसरे प्रोजेक्ट्स की तरह इस मेहराब को भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इसे ‘यूएस कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स’ से शुरुआती मंजूरी मिल गई है (जिसके सभी सदस्यों को ट्रंप ने ही चुना था), लेकिन तीन पूर्व सैनिकों और एक आर्किटेक्चरल हिस्टोरियन के एक समूह ने मुकदमा दायर किया है। उनका कहना है कि इस प्रोजेक्ट को कांग्रेस से मंजूरी मिलनी चाहिए।
मुकदमा करने वालों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों में से एक, निकोलस सैंसोन ने रविवार को कहा, “इस प्रोजेक्ट के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क गढ़ने की राष्ट्रपति की देर से की गई कोशिशें इसकी बुनियादी गैर-कानूनी स्थिति को ठीक नहीं कर सकतीं।”