Ayodhya: अयोध्या में दीपोत्सव की भव्य सजावट और जगमगाते दीपों के बीच श्रद्धा और संवेदनशीलता की एक खूबसूरत मिसाल भी देखने को मिल रही है। रामलला के दर्शन और दीपोत्सव में शामिल होने की इच्छा लेकर पहुंच रहे दिव्यांगों तथा बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की सुविधा बड़ी मददगार साबित हो रही है। पैदल चलने में असमर्थ श्रद्धालु अब व्हीलचेयर की सहायता से हनुमानगढ़ी, श्रीराम मंदिर सहित रामनगरी के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आसानी से पहुंचकर दर्शन कर पा रहे हैं।
बहराइच के देशराज इस व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वह व्हीलचेयर के जरिए दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को मंदिरों तक पहुंचाने में मदद करते हैं। उनका कहना है कि कई लोग रामलला के दर्शन की प्रबल इच्छा लेकर अयोध्या आते हैं, लेकिन शारीरिक परेशानी के चलते उनके लिए मंदिर तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के बाद उनके चेहरों पर दिखने वाली खुशी उन्हें सुकून देती है। देशराज का मानना है कि शारीरिक अक्षमता किसी भी व्यक्ति की आस्था और भगवान के दर्शन की चाह में रुकावट नहीं बननी चाहिए।
इसी तरह बहराइच के सतीश कुमार भी व्हीलचेयर के माध्यम से श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अधिक उम्र के कारण कई बुजुर्ग लंबी दूरी पैदल तय नहीं कर पाते। ऐसे में व्हीलचेयर की सुविधा उनके लिए काफी राहत पहुंचा रही है। वहीं, श्रावस्ती के मणिकापुर खुर्द निवासी जगराम चौहान भी इस सेवा में जुटे हैं। इन सभी के सहयोग से शारीरिक रूप से कमजोर श्रद्धालु भी दीपोत्सव के उत्साह और अयोध्या की आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर पा रहे हैं।
दीपोत्सव के भव्य आयोजन के बीच यह पहल संदेश दे रही है कि आस्था के पर्व में किसी को भी पीछे नहीं छूटना चाहिए। उत्सव की असली खुशी तभी है, जब हर श्रद्धालु उसमें अपनी भागीदारी निभा सके। दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा इसी सोच को आगे बढ़ा रही है। रामनगरी में यह व्यवस्था उन श्रद्धालुओं के लिए सहूलियत और खुशी का माध्यम बनी है, जिनका विश्वास अटूट है, लेकिन जिन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए किसी सहारे की जरूरत है।