Uttarakhand: भराड़ीसैंण में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने उत्तराखंड की सियासत और राज्य गठन के बाद के हालात को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने की ताकत केवल कांग्रेस में है। साथ ही, उन्होंने रोजगार की कमी और पलायन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। हरक सिंह रावत ने यहां तक कहा कि मौजूदा हालात देखकर उन्हें लगता है कि उत्तराखंड राज्य बनने से पहले स्थिति बेहतर थी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ही सबसे मजबूत विकल्प है। उन्होंने देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल की विधानसभा सीटों का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 34 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। हरक सिंह रावत ने उत्तराखंड क्रांति दल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यूकेडी के नेता संघर्ष कर सकते हैं, लेकिन पार्टी के भीतर ही आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनी हुई है।
रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 10 साल में 23 हजार नौकरियां देने के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं और अग्निवीर योजना के चलते सेना में भर्ती के अवसर भी पहले जैसे नहीं रहे। हरक सिंह रावत ने राज्य गठन के 26 साल बाद भी पलायन की समस्या बने रहने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन में बलिदान देने वालों के सपनों के अनुरूप राज्य का विकास नहीं हो पाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी पद के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड को बचाने के लिए है।