New Delhi: दो दिन चलने वाले ‘कल्चर बाजार’ का आखिरी दिन

New Delhi: नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में, भारत की समृद्ध शिल्प परंपराओं को दुनिया भर में पहचान मिल रही है। यहां हाथ से बुने महीन कपड़ों से लेकर हाथ से बने जूते और टेराकोटा तक, कई तरह के सामान देखने को मिल रहे हैं।

संसदीय चर्चाओं के साथ-साथ आयोजित ‘कल्चर बाजार’ में भारत के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक शिल्प, हथकरघा उत्पाद और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया है।

ये प्रदर्शनी कारीगरों और बुनकरों को ऐसा मंच दे रही है, जहां वे अपनी कलाकृतियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने प्रदर्शित कर रहे हैं और उन्हें बेच रहे हैं। इसके जरिये भारत की सांस्कृतिक विविधता भी उभर कर सामने आ रही है। प्रदर्शनी में तरह-तरह के हाथ से बने उत्पाद हैं, जो पारंपरिक भारतीय शिल्प कौशल की विविधता दर्शाते हैं।

कई प्रतिभागी मानते हैं कि ये प्रदर्शनी उनके लिए बाजार की पहुंच बढ़ाने का मौका है।

कारीगरों का कहना है कि प्रशिक्षण, टूलकिट, आसान कर्ज और प्रदर्शनियों के जरिये सरकार से मिले सहयोग ने उनके कौशल, बिक्री और आजीविका को बेहतर बनाने में मदद की है। दो दिन चलने वाला कल्चर बाजार मंगलवार को संपन्न होगा।

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