UP News: दिवाली पर मिलावटखोरों के खिलाफ यूपी में बड़ी कार्रवाई, 32 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

UP News:  दीपावली के दौरान लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने प्रदेशव्यापी अभियान तेज कर दिया है। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत टोल नाकों और प्रमुख चौराहों पर खाद्य पदार्थों से लदे वाहनों की जांच की जा रही है। साथ ही मिठाई बनाने वाली इकाइयों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी भी की जा रही है। अब तक 48 वाहनों की जांच में कई जगह असुरक्षित खाद्य सामग्री पकड़ी गई है। कानपुर नगर में करीब 22 कुंतल दुर्गंधयुक्त खोया और हापुड़ में अस्वच्छ परिस्थितियों में ले जाया जा रहा लगभग 28 कुंतल पनीर बरामद हुआ। अभियान के दौरान करीब 60 कुंतल असुरक्षित और दूषित परिस्थितियों में रखे या परिवहन किए जा रहे खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए हैं। वहीं, गंभीर खामियां मिलने पर प्रदेश के 32 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर उनका कारोबार बंद कराया गया है।

वाहन जांच में खोया, पनीर और दूध की बड़ी खेप पकड़ी

खाद्य पदार्थों की सुरक्षित ढुलाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस के सहयोग से प्रदेश के करीब 12 टोल नाकों और प्रमुख चौराहों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान मऊ में 230 किलोग्राम असुरक्षित खोया और कानपुर नगर में करीब 22 कुंतल दुर्गंधयुक्त खोया पकड़ा गया। रामपुर में 350 लीटर दूध तथा हापुड़ में लगभग 28 कुंतल पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में ले जाते हुए बरामद हुआ।

इसके अलावा बाराबंकी और उन्नाव में भी पनीर की खेप पकड़ी गई, जबकि गौतमबुद्धनगर में संदिग्ध पनीर के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।

मुरादाबाद में पहले प्रतिबंधित किए जा चुके एक खाद्य कारोबारी के गुप्त ठिकाने पर भी छापेमारी की गई। यहां खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायन और अन्य अपमिश्रक बरामद हुए। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बुलंदशहर, मथुरा और मुरादाबाद में भी मिलावट में इस्तेमाल होने वाले रसायन और अपमिश्रक मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की गई।

बरेली में शौचालय के पास मिठाई निर्माण, मुरादाबाद में मिली गंभीर गंदगी

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यालय से भेजे गए 32 खाद्य सचल दलों ने बरेली और मुरादाबाद में विशेष निरीक्षण किया। वहीं, कासगंज, इटावा, हमीरपुर, महोबा, कुशीनगर और शाहजहांपुर में मंडल स्तर पर गठित अंतर्जनपदीय टीमों ने खाद्य इकाइयों की जांच की। इस दौरान कई जगह स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आई।

बरेली के सुभाष नगर स्थित न्यू बाजपेई स्वीट्स की निर्माणशाला में बेहद खराब साफ-सफाई मिली। जांच में सामने आया कि मिठाई बनाने वाली भट्टी के पास ही शौचालय संचालित था। फर्श टूटी हुई थी और परिसर में दूषित पानी जमा था। इन गंभीर खामियों को देखते हुए प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।

इसी जिले के कैलाशपुरी स्थित धीरज स्वीट्स एंड कन्फेक्शनरी में पुरानी और फफूंद लगी घेवर मिली। यहां भी गंदगी के बीच मिठाइयां बनाई जा रही थीं। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर इकाई का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

मुरादाबाद की मिठाई इकाइयों में एक्सपायरी सामग्री और अखाद्य रंग मिले

मुरादाबाद के ढकिया, डिलारी के पास स्थित हुकूमत मिल्क केक की सफेद रसगुल्ला निर्माण इकाई में खाद्य पदार्थ बनाने की परिस्थितियां असुरक्षित पाई गईं। वहां सामग्री संदूषित अवस्था में बिखरी हुई थी। इस पर विभाग ने लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की।

वहीं, कोहिनूर तिराहे के निकट मदनी स्वीट्स की जांच में एक्सपायर खाद्य सामग्री का इस्तेमाल सामने आया। निर्माणशाला में चूहों की मौजूदगी और उनकी गंदगी के अलावा अखाद्य रंगों का प्रयोग भी पाया गया। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने जैसी खामियां भी सामने आईं। विभाग ने प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित कर दिया।

मकबरी रोड स्थित बड़ी सब्जी मंडी के पास बीना मिष्ठान भंडार बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित होता मिला। यहां भी निर्माणशाला में चूहों का प्रकोप और भारी गंदगी पाई गई। नियमों के उल्लंघन के चलते खाद्य कारोबार बंद करा दिया गया। कासगंज के पवन स्वीट्स में भी गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाई बनाने पर कार्रवाई की गई।

अभियान के तहत अब तक 1,533 निरीक्षण, 731 नमूने लिए गए

‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के अंतर्गत मुख्यालय की सचल टीमों और मंडल स्तर पर गठित विशेष दलों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की है। हालिया विशेष अभियान में 113 खाद्य इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इनमें कमियां मिलने पर 76 कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी किए गए और जांच के लिए 113 खाद्य नमूने एकत्र किए गए। गंभीर अनियमितताओं के चलते छह प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर सुधार होने तक उनका कारोबार बंद कराया गया।

प्रदेशभर में अभियान के तहत अब तक कुल 1,533 निरीक्षण किए जा चुके हैं। इस दौरान 731 खाद्य नमूने जांच के लिए जुटाए गए हैं। गंभीर खामियों के चलते 32 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा करीब 56 कुंतल खाद्य सामग्री अधिग्रहित की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 1.40 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, लगभग 60 कुंतल असुरक्षित और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे या परिवहन किए जा रहे खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए हैं।

खाद्य कारोबार बंद कराना नहीं, मानकों का पालन सुनिश्चित करना उद्देश्य

विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि इस अभियान का मकसद खाद्य कारोबारियों का व्यवसाय बंद कराना नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री की पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित एवं स्वच्छ बनाना है। सामान्य कमियां पाए जाने पर कारोबारियों को सुधार नोटिस देकर आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।

हालांकि, जहां खाद्य सुरक्षा से जुड़े गंभीर उल्लंघन सामने आ रहे हैं, वहां नियमों के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों ने अपनी कमियों को दूर कर लिया है, उनके मामलों की जांच के बाद लाइसेंस निलंबन वापस लेकर कारोबार दोबारा शुरू करने की अनुमति भी दी जा रही है।

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