CM Yogi: योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस-सपा पर तीखा प्रहार, बोले- लोकतंत्र नहीं, परिवार बचाने में जुटे हैं विपक्षी दल

CM Yogi:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि उनका वास्तविक मकसद अपने परिवार और राजनीतिक वजूद को बचाए रखना है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में जीत का श्रेय अपनी रणनीति को देती है, लेकिन हार मिलने पर ईवीएम, निर्वाचन आयोग और एसआईआर जैसे मुद्दों पर सवाल उठाने लगती है। अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली बन चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आह्वान पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की कथित अराजक राजनीति के खिलाफ देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। पांच नवंबर को देश के 100 स्थानों पर पदयात्राओं का आयोजन किया गया। दीपावली के उत्सवी माहौल के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दिखाती है।

राहुल गांधी पर साधा निशाना, परीक्षा में फेल होने वाले छात्र से की तुलना

राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी तुलना ऐसे विद्यार्थी से की, जो परीक्षा में लगातार असफल होने के बाद अपनी कमियों को स्वीकार करने के बजाय अलग-अलग बहाने बनाता रहता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसा छात्र कभी शिक्षक पर कॉपी बदलने, कभी प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम से बाहर होने और कभी दूसरी वजहों को अपनी असफलता का कारण बताता है। योगी ने कहा कि कांग्रेस के युवराज की राजनीतिक स्थिति भी कुछ ऐसी ही हो गई है। जनता का समर्थन नहीं मिलने के बावजूद पार्टी अपनी गलतियों पर विचार करने को तैयार नहीं है।

भ्रष्टाचार के आरोपों से कांग्रेस ने खोया जनविश्वास

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासनकाल का जिक्र करते हुए कॉमनवेल्थ, 2जी स्पेक्ट्रम, कोयला और उर्वरक घोटालों को लेकर पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी लापरवाही बरती गई। उनके मुताबिक, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था से परेशान देश की जनता ने 2014 में नरेंद्र मोदी को नेतृत्व सौंपा। योगी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए, क्योंकि जिन कार्यों को वह दशकों तक पूरा नहीं कर पाई, उन्हें मोदी सरकार ने आगे बढ़ाया।

सपा सरकारों में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा के शासनकाल के दौरान अपराध, दंगे और कर्फ्यू आम बात हो गए थे। उन्होंने उस समय प्रचलित राजनीतिक नारों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और व्यापारियों के हितों को लेकर गंभीर चिंताएं थीं।

मुख्यमंत्री ने कोसीकलां, मुजफ्फरनगर, मथुरा, बरेली, संभल, मुरादाबाद, बुलंदशहर, मेरठ और सहारनपुर की घटनाओं का जिक्र कर सपा को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी के शासन में बेटियों और कारोबारियों की सुरक्षा पर सवाल उठते थे, उसके नेता आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं। योगी ने यह भी आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान मीडिया संस्थानों और पत्रकारों पर भी दबाव बनाया गया था।

आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी ने 1975 में देश में आपातकाल लागू किया था, वह आज लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की बात कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ की जाने वाली टिप्पणियां लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं।मुख्यमंत्री ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने एक नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस दिन हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए थी, उस दिन पार्टी रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित कर रही थी।

राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस और सपा को घेरा

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के रास्ते में लगातार अड़चनें पैदा कीं। उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने न्यायिक प्रक्रिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक मंदिर निर्माण का विरोध किया और रामभक्तों पर गोलियां चलवाने की घटनाओं से उनका इतिहास जुड़ा है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए निमंत्रण मिलने के बावजूद दोनों दलों के प्रमुख नेता समारोह में शामिल नहीं हुए।

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्य भी तेजी से आगे बढ़े हैं। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ तो गरीब परिवारों को आवास भी उपलब्ध कराए गए। काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हुआ और दिल्ली में भारत मंडपम जैसे आधुनिक केंद्र का निर्माण किया गया। इसी तरह केदारपुरी का पुनर्विकास और गाजियाबाद में पूर्वांचल एवं उत्तराखंड भवन का निर्माण भी विकास की इसी सोच का हिस्सा है।

2014 के बाद देश में विकास की नई रफ्तार: योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत आतंकवाद, नक्सलवाद, भ्रष्टाचार और आर्थिक अस्थिरता जैसी चुनौतियों से जूझ रहा था। अब देश दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल, देश में एम्स की संख्या बढ़कर 23 होने और करीब 12 सेमीकंडक्टर इकाइयों की स्थापना की दिशा में हो रहे काम को विकास की उपलब्धियों के रूप में गिनाया।

उन्होंने कहा कि पहले देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध थी, जबकि अब 20 से अधिक शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए योगी ने बताया कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 55 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ, चार करोड़ गरीब परिवारों को आवास, 12 करोड़ घरों में शौचालय और 10 करोड़ परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।

किसानों के हित में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने, किसान सम्मान निधि और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाओं को भी महत्वपूर्ण बताया।

चुनावी हार के लिए आयोग को जिम्मेदार ठहराना गलत: योगी

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 1985 के बाद से पार्टी को सत्ता में आने का अवसर नहीं मिला। इसी तरह तमिलनाडु में 1967 और पश्चिम बंगाल में 1977 के बाद कांग्रेस सत्ता में वापसी नहीं कर सकी। गुजरात, ओडिशा और त्रिपुरा समेत कई राज्यों में भी पार्टी लंबे समय से सत्ता से बाहर है।

उन्होंने सवाल उठाया कि इन राज्यों में कांग्रेस की पराजय एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले हुई थी, ऐसे में चुनावी हार के लिए निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराने का क्या औचित्य है। योगी ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को समान मतदान का अधिकार मिला है और इस व्यवस्था की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना जरूरी है। भाजपा जनादेश को स्वीकार करती है और अपनी राजनीतिक कमियों का दोष संस्थाओं पर नहीं डालती।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

इस पदयात्रा और जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, सह प्रभारी अनंत ओझा, राज्यसभा सांसद रामप्रताप सिंह चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसके अलावा मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, सुनील शर्मा, गुलाब देवी, बलदेव सिंह औलख, कपिल देव अग्रवाल, नरेंद्र कश्यप, सोमेंद्र तोमर, जसवंत सिंह सैनी, दिनेश खटीक और के.पी. मलिक भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा, लक्ष्मीकांत बाजपेयी, अतुल गर्ग, सुरेंद्र नागर, भाजपा नेता सुरेश राणा, नीरज सिंह, मोहित बेनीवाल और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी सहित भाजपा और रालोद के अन्य पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *