Khelo India: राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के खिलाड़ियों, युवाओं और युवा नेताओं से सीधा संवाद किया। ‘खेलो इंडिया डायलॉग-खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ कार्यक्रम में पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के युवा खिलाड़ियों और युवाओं से जुड़े। इस कार्यक्रम का आयोजन देशभर के 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में किया गया, जिसमें लाखों युवाओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के जीवन में खेलों की अहमियत पर जोर दिया और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को खेलों से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत में मजबूत खेल संस्कृति तैयार करने के लिए जमीनी स्तर पर मौजूद प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना बेहद जरूरी है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, “जो खेलेगा, वो खिलेगा।”
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों और खेल जगत से जुड़े लोगों को 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि देशभर के युवाओं और खेल जगत से जुड़े सभी साथियों को वह पहले ही राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हैं। ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ के दौरान खिलाड़ियों और युवाओं के साथ खेल सुविधाओं, प्रतिभा की पहचान, प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। युवाओं ने यह भी बताया कि भारत को खेलों की दुनिया में और मजबूत बनाने के लिए किन क्षेत्रों में और काम किए जाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ अभियान के जरिए उन क्षेत्रों तक खेल सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जहां प्रतिभा तो मौजूद है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता। सरकार का फोकस छोटे शहरों, गांवों और कस्बों से प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
सरकार की इस पहल को भारत के 2036 ओलंपिक लक्ष्य से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कोशिश है कि आने वाले वर्षों के लिए अभी से ऐसे खिलाड़ियों को तैयार किया जाए, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें और देश के लिए ज्यादा से ज्यादा पदक जीतें। पीएम मोदी ने युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देते हैं।
‘खेलो इंडिया’ के जरिए सरकार देश में खेलों का माहौल मजबूत करने और जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि अगर देश को खेलों में बड़ी ताकत बनाना है, तो प्रतिभाओं की तलाश और उन्हें तैयार करने का काम जमीनी स्तर से ही शुरू करना होगा—“जो खेलेगा, वो खिलेगा।”