Raksha Bandhan: खुशी और उल्लास से भरा रक्षाबंधन का त्योहार ओडिशा में बेहद ही अनोखे अंदाज में मनाया जाता है। स्थानीय तौर पर इसे ‘गम्हा पूर्णिमा’ के नाम से जाना जाता है। इन दिन भगवान जगन्नाथ को एक विशाल राखी भेंट की जाती है। दावा है कि ये दुनिया की सबसे बड़ी राखी है।
पात्रा समुदाय के कारीगर पारंपरिक तरीकों से राखियां तैयार करते हैं। बसुंगा सिल्क को प्राकृतिक रंगों से रंगा जाता है, धूप में सुखाया जाता है और आकार के अनुसार काटा जाता है। इसके बाद धागों को सावधानी से बुनकर पांच परतों वाली खास डिजाइन तैयार की जाती है।
पुजारी संतोष कुमार ने बताया कि “ये चार कलर में हम विभक्त करके इसको बना रहे हैं। ये पीला कलर, लाल कलर, नीला कलर और हरा चारों कलर में बनाया है। इसके साथ ही हमने सुपारी की माला भी बनाई है। ये सुपारी की माला भगवान जी पहनते हैं राखी के साथ में। दोनों भाई को बहन राखी पहनाएंगी दोनों को। ये राखी भगवान जगन्नाथ के दोनों हाथों में एक-एक करके पहनाएंगी दो राखियां। ये महाप्रभु जगन्नाथ जी पीले और लाल रंग पहनते हैं और उनके बड़े भाई, भगवान बलभद्र, नीले रंग के पहनते हैं।”))
हर राखी ओडिशा की समृद्ध कपड़ा विरासत को दर्शाती है, जो पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा में बारीक कारीगरी और श्रद्धा को एक साथ लाती है।