Share Market: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ने से घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। सेंसेक्स करीब 516 अंक टूटकर बंद हुआ जबकि निफ्टी में 150 अंक की गिरावट आई। विश्लेषकों के मुताबिक, ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ने से बाजार में जोखिम से बचने का रुझान देखा गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख ने भी गिरावट को बढ़ाया।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 516.33 अंक यानी 0.66 प्रतिशत गिरकर 77,328.19 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 698.09 अंक तक लुढ़क गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी 150.50 अंक यानी 0.62 प्रतिशत गिरकर 24,176.15 अंक पर आ गया।
साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की बढ़त रही जबकि एनएसई निफ्टी में 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की तेजी रही। सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयर में मार्च तिमाही नतीजों के बाद 6.62 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे।
हालांकि, टाइटन के शेयर अनुकूल तिमाही नतीजों के बाद 4.76 प्रतिशत चढ़ गया। इसके साथ एशियन पेंट्स, अडाणी पोर्ट्स, इन्फोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में भी तेजी रही। व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.34 प्रतिशत के नुकसान में रहा जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त में रहा जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में गिरावट का रुख था।
गुरुवार को अमेरिकी बाजार नुकसान के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 340.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। पिछले सत्र में सेंसेक्स 114 अंक गिरकर 77,844.52 अंक और निफ्टी 4.30 अंक की गिरावट के साथ 24,326.65 अंक पर बंद हुए थे।