Haryana: मुख्यमंत्री सैनी ने सरदार उधम सिंह के 87वें शहीदी दिवस पर उन्हें किया नमन

Haryana: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के सनौर में सरदार उधम सिंह जी के 87वें शहीदी दिवस पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।इस अवसर पर उन्होंने सरदार उधम सिंह को नमन करते हुए कहा कि पंजाब में भाजपा सरकार ही सरदार उधम सिंह द्वारा युवाओं के विकास के लिए देखे गए सपनों को पूरा कर सकती है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि केवल नारों से नहीं नियत से राज्य का विकास होता है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में एक्साइज इंस्पेक्टर की भर्ती में गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए “आप सरकार” को घेरा और इसे प्रतिभावान युवाओं के साथ बहुत बड़ा धोखा बताया। उन्होंने कार्यक्रम में एक वक्ता द्वारा “पंजाब सरकार ने 30 प्रतिशत चुनावी वायदे पूरे किये” का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान बताएं कि उन्होंने गत चुनाव में की गई कितनी घोषणाओं को पूरा कर लिया है ? और क्या शेष 4 माह में बाकी घोषणाओं को पूरा कर देंगे।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज विरासत पर गर्व करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हरियाणा में हमारी सरकार इसी भावना पर काम कर रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा किसानों , महिलाओं और युवाओं के हित में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प -पत्र में 217 संकल्प लिए थे जिनमें से 70 संकल्प तो मात्र डेढ़ साल में ही पूरे कर दिए हैं , बाकि के 147 संकल्प भी बहुत जल्द पूरे कर देंगे।उन्होंने पंजाब की जनता को शहीद सरदार उधम सिंह जी के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया और कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो महापुरुषों का सम्मान कर देश को विकसित और संस्कारित करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सनौर को पावन धरती बताया और कहा कि कुछ धरतियाँ केवल इतिहास का हिस्सा बनती हैं… लेकिन कुछ धरतियाँ इतिहास गढ़ती हैं। सनौर ऐसी ही पुण्यभूमि है। यह केवल एक कस्बा नहीं है, केवल एक क्षेत्र नहीं है; यह राष्ट्रभक्ति की राजधानी है। इस धरती की हर मुट्ठी हमें याद दिलाती है कि आज़ादी हमें विरासत में नहीं मिली, बल्कि गुरुओं के तप, वीरों के पराक्रम और शहीदों के बलिदान से मिली है।

उन्होंने सरदार उधम सिंह के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनकी राष्ट्रभक्ति से अवगत करवाया कि किस प्रकार से सरदार उधम सिंह ने जलियांवाला हत्याकांड के दोषी अंग्रेज अफसर डायर को लंदन जाकर मारा था। उधम सिंह जी ने अंग्रेज़ जनता और अंग्रेज़ी साम्राज्यवाद में फ़र्क किया। उनकी लड़ाई किसी धर्म, किसी जाति, किसी देश की जनता से नहीं थी बल्कि अन्याय के ख़िलाफ़ थी। उन्होंने पंजाब की जनता में जोश भरते हुए कहा कि एक उधम सिंह ने इक्कीस वर्षों तक अपना संकल्प निभाया और एक साम्राज्य की नींव हिला दी। आज अगर साढ़े तीन करोड़ पंजाबी अपने संकल्प निभा लें, तो पंजाब की तकदीर बदलने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती।

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