Ayodhya: सरयू नदी के किनारे हजारों दीयों की रोशनी से अयोध्या जगमगा उठती है और शानदार नजारा पेश करती है… यही हर साल अयोध्या में दीपावली के दौरान होने वाले दीपोत्सव की खासियत है। इस साल, रामनगरी इस आयोजन को और भी भव्य बनाने की तैयारी कर रही है। इस बार का लक्ष्य 28 लाख से ज्यादा मिट्टी के दीये जलाकर अपना ही विश्व कीर्तिमान फिर से तोड़ना है।
त्योहार नजदीक आने के साथ ही, पूरे अयोध्या में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला प्रशासन घाटों पर इंतजाम, साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं और बड़े पैमाने पर दीये जलाने के आयोजन पर ध्यान दे रहा है। अयोध्या मंडल मंडल आयुक्त राजेश कुमार ने बताया कि “इस बार हमारी कोशिश है कि पिछली बार से भी बेहतर एक व्यवस्था दी जाए और पिछली बार जो रिकॉर्ड यहां पर बने थे। आरती का और दीपोत्सव को लेकर। तो उसको भी हम इस बार कोशिश है कि उसको भी आगे बढ़कर उसकी भी और ज्यादा संख्या करेंगे। और साथ में जो क्षेत्र को साफ और स्वस्थ्य शहर बनाना है और उसकी भी विशेष तौर पर पहल की जाएगी।”
अयोध्या के जिलाधिकारी का कहना है कि “घाट का रेनोवेशन एक बहुत बड़ा कार्य चल रहा था। इसको टूरिज्म डिपार्टमेंट के जरिए यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड कर रहा है। तो लगभग वो पूरा होने पर है। वो कार्य हो जाएगा तो हमारा दीपोत्सव और भी भव्य हो जाएगा। और साथ ही साथ वहां पर जो साफ सफाई के कार्य हैं, टॉयलेट, चेंजिंग रूम जितने भी वहां पर इंफ्रास्ट्रक्चर है वो सारा रेनवैट किया जा रहा है। और उम्मीद है कि दीपोत्सव इस बार बहुत भव्य तरीके से
होगा।”
अयोध्या में तैयारियां चल रही हैं और शहर एक और इतिहास गढ़ने वाले दीपोत्सव की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इस साल के आयोजन को पहले से कहीं ज्यादा भव्य और बेहतर ढंग से आयोजित करने पर खास जोर दिया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाला दीपोत्सव छह से आठ नवंबर तक आयोजित होगा। मुख्य दीपोत्सव कार्यक्रम दिवाली से एक दिन पहले, यानी सात नवंबर को होगा।