Twisha Sharma: राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने 33 साल की नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में रिपोर्ट और विस्तृत जानकारी मांगी है। ये घटना मध्य प्रदेश के भोपाल में शादी के मात्र पांच महीने के भीतर हुई थी। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार से सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर उनके पति और अधिवक्ता समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह जो सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने ये भी बताया है कि फरार पति की गिरफ्तारी या उसकी जानकारी देने पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एनसीडब्ल्यू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “राष्ट्रीय महिला आयोग ने भोपाल, मध्य प्रदेश में नोएडा की रहने वाली ट्विशा की संदिग्ध मौत से जुड़ी बेहद गंभीर मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है।”
आयोग ने कहा, “मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्विशा की शादी के मात्र पांच महीने बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। पीड़िता के परिवार ने उसके पति समर्थ और सास गिरीबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।” राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले में तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने कहा कि विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट सात दिनों के भीतर प्रस्तुत की जानी चाहिए। आयोग ने ये भी जानकारी मांगी है कि दर्ज प्राथमिकी में कौन-कौन सी धारायें लगाई गई हैं, आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ की स्थिति क्या है, फरार आरोपी समर्थ को पकड़ने के लिए क्या कोशिशें की जा रही हैं, क्या उसका पासपोर्ट जब्त किया गया है, साथ ही सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पहले की किसी शिकायत पर की गई कार्रवाई का पूरा विवरण भी उपलब्ध कराया जाए।
इसके अलावा आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीड़िता के परिवार को किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या चरित्र हनन से सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी हो सके। आयोग ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में लापरवाही या प्रभाव का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।