Cockroach Janta Party: हाल ही में Justice Surya Kant के युवाओं को लेकर दिए गए एक बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक अनोखा और व्यंग्यात्मक कैंपेन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) तेज़ी से चर्चा में आ गया है।हालाँकि, जस्टिस सूर्यकांत ने बाद में सफ़ाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों को मीडिया के एक हिस्से ने गलत तरीके से पेश किया है, लेकिन तब तक यह मुद्दा सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था।
क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कोई वास्तविक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक पैरोडी (व्यंग्यात्मक) सोशल मीडिया कैंपेन है।यह कैंपेन युवाओं की प्रतिक्रिया और नाराज़गी को एक अलग और क्रिएटिव अंदाज़ में व्यक्त करने के लिए शुरू किया गया। इस नाम से एक वेबसाइट बनाई गई ,इंस्टाग्राम पर इसके 40 लाख से अधिक फ़ॉलोअर्स हो चुके हैं,2 लाख से ज़्यादा लोग सदस्यता के लिए रजिस्टर कर चुके हैं।
कौन हैं अभिजीत दीपके?
इस कैंपेन के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके हैं, उन्होंने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में इसकी शुरुआत के पीछे की कहानी साझा की।
कैसे आया यह आइडिया?
अभिजीत दीपके के अनुसार उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर जस्टिस सूर्यकांत का बयान देखा उन्हें लगा कि युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ से करना अनुचित और हास्यास्पद है इसी के जवाब में उन्होंने व्यंग्य के रूप में एक सवाल उठाया — “अगर सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएँ तो क्या होगा?” इस पर युवाओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यहीं से एक “पैरोडी पार्टी” बनाने का विचार जन्मा।
क्या है इसका कॉन्सेप्ट?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का कॉन्सेप्ट पूरी तरह व्यंग्य पर आधारित है इसमें वही शब्द “योग्यता” बनाए गए, जिनसे कथित तौर पर युवाओं की आलोचना की गई थी जैसे“आलसी होना” “बेरोज़गार होना” “ऑनलाइन सक्रिय रहना” यानी, आलोचना को ही मज़ाकिया तरीके से अपनाकर उसे विरोध के रूप में पेश किया गया।
क्यों बन गया इतना बड़ा ट्रेंड?
अभिजीत दीपके के मुताबिक:
• कुछ ही घंटों में यह कैंपेन वायरल हो गया
• युवाओं ने इसे अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्लेटफ़ॉर्म बना लिया
• देखते ही देखते यह सिर्फ़ मज़ाक नहीं रहा, बल्कि एक डिजिटल मूवमेंट जैसा रूप लेने लगा ।