Share Market: कच्चे तेल के दाम में नरमी और बैंक, वित्तीय तथा आईटी शेयरों में लिवाली से स्थानीय शेयर बाजार में तेजी लौटी और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। बीएसई सेंसक्स 791 अंक चढ़ गया जबकि एनएसई निफ्टी में 197 अंक की तेजी रही।
कारोबारियों के अनुसार, इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर की बढ़ती उम्मीद और घरेलू बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों के शुद्ध रूप से लिवाल बनने से भी बाजार को समर्थन को मिला। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 790.54 अंक यानी 1.04 प्रतिशत के लाभ में रहा। कारोबार के दौरान एक समय यह 989.69 अंक तक चढ़ गया था। बीएसई में सूचीबद्ध 2,215 शेयर लाभ में रहे, जबकि 2,034 में गिरावट आई। वहीं 181 के भाव अपरिवर्तित रहे।
पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 197.55 अंक यानी 0.83 प्रतिशत बढ़कर 24,021.65 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज प्रमुख रूप से लाभ में रहीं। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में एनटीपीसी, टाटा स्टील, मारुति और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं।
छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.44 प्रतिशत लाभ में रहा जबकि मझोली कंपनियों से जुड़ा मिडकैप सेलेक्ट 0.32 प्रतिशत चढ़ा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.69 प्रतिशत टूटकर 75.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 17.86 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका और भारत एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के ‘काफी करीब’ हैं।ये समझौता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद है। यह अमेरिकी सामान के लिए 1.4 अरब की आबादी वाले भारतीय बाजार के दरवाजे खोलेगा। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान के निक्की में गिरावट रही। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख था।
मंगलवार को अमेरिकी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे, सेंसेक्स 893.39 अंक टूटकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 278.80 अंक की गिरावट के साथ 23,824.10 अंक पर रहा था।