Shraddha Kapoor: अच्छी कहानियों को प्राथमिकता देती हूं, इसलिए कम फिल्में करती हूं: श्रद्धा कपूर

Shraddha Kapoor: अभिनेत्री श्रद्धा कपूर का कहना है कि वह फिल्मों की संख्या के बजाय उनकी कहानी और गुणवत्ता को अधिक महत्व देती हैं। यही वजह है कि वह कभी-कभी दो साल में केवल एक फिल्म करती हैं। इन दिनों श्रद्धा निर्देशक लक्ष्मण उतेकर की आगामी फिल्म ‘ईठा’ में नजर आने वाली हैं, जिसमें वह मशहूर मराठी तमाशा और लावणी कलाकार की भूमिका निभा रही हैं।

श्रद्धा ने बताया कि ‘ईठा’ में काम करने का अनुभव उन्हें अपनी मां की ओर से मिली महाराष्ट्रीयन विरासत और जड़ों को करीब से समझने का मौका भी दे रहा है। वह अभिनेता शक्ति कपूर और शिवांगी कोल्हापुरे की बेटी हैं। अभिनेत्री पद्मिनी और तेजस्विनी कोल्हापुरे उनकी मौसियां हैं।

‘स्त्री’ और ‘स्त्री 2’ की शानदार सफलता के बाद श्रद्धा एक बार फिर निर्माता दिनेश विजान के साथ काम कर रही हैं। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वह बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड या उपलब्धियों को ध्यान में रखकर फिल्में नहीं चुनतीं। उनके लिए सबसे जरूरी एक अच्छी फिल्म का हिस्सा बनना है।

श्रद्धा ने कहा, “मैंने कभी यह नहीं सोचा कि मैंने कोई रिकॉर्ड बनाया है या बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मेरे लिए फिल्म की गुणवत्ता मायने रखती है। इसी वजह से कई बार मैं दो साल में एक फिल्म करती हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि वह फिल्मों को महिला प्रधान या पुरुष प्रधान के नजरिये से नहीं देखतीं। उनके मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री को अच्छी कहानियों की जरूरत है और इन्हीं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। फिल्मों को लिंग के आधार पर बांटना सीमित सोच है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी फिल्म का सफल होना कई बार संयोग पर निर्भर करता है, जिसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता। श्रद्धा ने ‘ईठा’ का हिस्सा बनने पर खुशी और गर्व जाहिर किया।

लोक कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन से प्रेरित है फिल्म

‘ईठा’ एक संगीतमय फिल्म है, जिसकी कहानी महाराष्ट्र की पारंपरिक तमाशा और लावणी नृत्य परंपराओं के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फिल्म दिग्गज लोक कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन से प्रेरणा लेती है। इसमें एक ऐसी महिला का सफर दिखाया गया है, जिसने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देते हुए तमाम मुश्किलों का सामना किया और अपनी अलग पहचान बनाई।

श्रद्धा ने लावणी नृत्य की पारंपरिक शैली और उसकी बारीकियां सीखने में सहयोग के लिए निर्देशक लक्ष्मण उतेकर का आभार जताया। उतेकर ने बताया कि अभिनेत्री को इस कला की भाव-भंगिमाओं और तकनीक से परिचित कराने के लिए वरिष्ठ लावणी कलाकार शकुंतला नागरकर के साथ एक सप्ताह की विशेष कार्यशाला रखी गई थी।

निर्देशक के अनुसार, ‘ईठा’ केवल विठाबाई नारायणगांवकर की जीवनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोक कलाकारों के संघर्ष, समर्पण और जीवन यात्रा को भी सामने लाती है। फिल्म की कहानी योगीराज बागुल की पुस्तक ‘तमाशा विठाबाई चा आयुष्याचा’ से प्रेरित है।

रणदीप हुड्डा निभाएंगे पहलवान का किरदार

फिल्म के निर्माता दिनेश विजान ने श्रद्धा कपूर की मेहनत और अपने किरदार के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने भरोसा जताया कि ‘ईठा’ अभिनेत्री के करियर में एक नए अध्याय की शुरुआत साबित हो सकती है।

विजान ने यह भी बताया कि फिल्म में रणदीप हुड्डा एक पहलवान की भूमिका निभाते नजर आएंगे। उनके किरदार के बारे में बात करते हुए निर्माता ने कहा, “रणदीप हुड्डा फिल्म में एक पहलवान की भूमिका में हैं और उनका अंदाज बेहद आकर्षक है। दर्शक पहली बार उन्हें इस तरह के किरदार में देखेंगे।”

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