Haryana: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की सैकड़ों रियासतों का भारत में विलय कराकर राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव रखी थी। देश की एकता और अखंडता के लिए उनका समर्पण आज भी सभी को प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत को एक सूत्र में बांधा था और अब सभी का दायित्व है कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में योगदान दें।
मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय परिसर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और प्रदेशवासियों को जयंती की बधाई दी। साथ ही, मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में आजादी मिलने के समय भारत अनेक रियासतों में बंटा हुआ था। इन रियासतों की अपनी अलग-अलग व्यवस्थाएं और झंडे थे। उस दौर में देश की एकजुटता को लेकर कई आशंकाएं जताई जा रही थीं। ऐसे समय में सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता के बल पर रियासतों का भारत में विलय कराया और देश को एकता के सूत्र में पिरोया। जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी रियासतों के मामलों में भी उन्होंने साफ कर दिया था कि राष्ट्रीय एकता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरदार की उपाधि उन्हें अंग्रेजों ने नहीं, बल्कि किसानों ने दी थी। किसानों के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष और योगदान के चलते उन्हें यह सम्मान मिला। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रहित में संकल्प, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसेवा की भावना का संदेश देता है।
प्रशासनिक व्यवस्था में सरदार पटेल के योगदान को किया याद
अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी। इन सेवाओं को देश के प्रशासनिक ढांचे का ‘स्टील फ्रेम’ कहा जाता है। उन्होंने 21 अप्रैल, 1947 को अधिकारियों को संबोधित करते हुए सेवा भावना, निष्पक्षता और ईमानदारी को प्रशासन के मूल सिद्धांत बताया था। उनका मानना था कि अखिल भारतीय सेवाओं के बिना एकीकृत भारत की कल्पना अधूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं से तय नहीं होती, बल्कि प्रशासन के निष्पक्ष फैसलों और जनता के भरोसे से मजबूत होती है। प्रत्येक नागरिक को यह विश्वास होना चाहिए कि सरकार उसकी अपनी है। हरियाणा सरकार भी सुशासन और जनसेवा के इसी उद्देश्य के साथ काम कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में पिछले समय के दौरान दो लाख से अधिक युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उनके अनुसार, इससे सरकारी भर्ती प्रक्रिया में सिफारिश की संस्कृति को खत्म करने की दिशा में काम किया गया है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की। इसके अलावा, विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। यह प्रतिमा आज देश की एकता और अखंडता का संदेश दुनिया तक पहुंचा रही है।
सैनी ने कहा कि कुछ ताकतें कभी क्षेत्रवाद, कभी भाषावाद और कभी अफवाहों के जरिए समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करती हैं। ऐसी चुनौतियों का सामना एकजुट रहकर ही किया जा सकता है। उन्होंने हरियाणा के संकल्प ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी को मिलकर विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना होगा।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सरदार पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता, अखंडता और विकास के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरदार पटेल ने देश को एकजुट किया, उसी तरह वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में हरियाणा को भी महत्वपूर्ण योगदान देना है।