Assam: असम में आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या दो नई मौतों के साथ बढ़कर 80 हो गई है। आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली (डीआरआईएमएस) की 31 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, पांच जिलों में 1.92 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ से प्रभावित जिले शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और चराइदेव हैं, जहां 379 गांव प्रभावित हुए हैं।
दो नई मौतों में से एक शिवसागर में और दूसरी चराइदेव में दर्ज की गई है। डीआरआईएमएस की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से 1,92,799 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 15,430 हेक्टेयर फसल क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी जिले में शहरी बाढ़ की सूचना नहीं मिली है, 30 जुलाई तक 78 लोगों की जान जा चुकी थी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उद्योगपति गौतम अडानी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास प्रयासों में सहयोग हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। X पर एक पोस्ट में सरमा ने कहा कि इस योगदान से बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
सरमा ने कहा, “मुझे यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि श्री गौतम अडानी जी ने असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के हमारे प्रयासों को मजबूत करने हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 करोड़ रुपये का ऑनलाइन योगदान दिया है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि अडानी हजारों प्रभावित परिवारों के लिए राहत प्रयासों में सहयोग हेतु संसाधन जुटाने में भी लगे हुए हैं।
इस योगदान की प्रशंसा करते हुए सरमा ने कहा, “असम के लोगों के प्रति उनका सच्चा स्नेह और संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की उनकी भावना वास्तव में सराहनीय है।”
सरमा ने यह भी आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया गया प्रत्येक रुपया बाढ़ से प्रभावित लोगों के जीवन के पुनर्निर्माण में “अत्यंत सावधानी, ईमानदारी और जवाबदेही” के साथ उपयोग किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “असम की जनता के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए मैं अदानी का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं।”
एमआरएम के राष्ट्रीय संयोजक शाहिद सईद ने बताया कि नई दिल्ली के कलाम भवन में आयोजित संगठन की छह सदस्यीय कोर टीम की आपातकालीन बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि एमआरएम असम के मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देगा और बाढ़ प्रभावित समुदायों को राहत प्रदान करने के अपने प्रयासों को तेज करेगा।