West Asia crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में वरिष्ठ मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और संकट से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की गई।
दोपहर के आसपास करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सरबानंदा सोनोवाल भी बैठक में शामिल हुए।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव प्रमोद कुमार मिश्रा भी आज की बैठक में मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, सभी मंत्रालयों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए और अब तक उठाए गए कदमों का विवरण दिया। देश में समग्र आपूर्ति स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
सरकार ने कहा कि एलपीजी, डीजल या पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। सरकार ने यह भी पुष्टि की कि पूरे देश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। सूत्रों ने बताया कि अगली रबी फसल तक और अगले वर्ष की खरीफ फसल की बुवाई के लिए भी यूरिया का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पीएनजी में उत्पादन और खपत दोनों में वृद्धि हुई है। सभी मंत्रालयों ने प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया कि वे संकट से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।