Prahaar: अभिनेता राजुकमार राव अपनी अपकमिंग फिल्म ‘प्रहार’ को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं। मेकर्स ने इसका ट्रेलर रिलीज कर दिया है, जिसके बाद फैंस की एक्साइटमेंट फिल्म को लेकर और बढ़ गई है।
अपकमिंग फिल्म ‘प्रहार’ में राजकुमार राव ने वकील उज्जवल निकम की भूमिका निभाई है। उन्होंने ही 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी और आतंकवादी कसाब को फांसी की सजा दिलाने के लिए लंबा संघर्ष किया था। इसी कहानी को अब बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। ट्रेलर मे 26/11 हमले को दिखाया गया है। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद अजमल कसाब के खिलाफ चले मुकदमे में उज्ज्वल निकम ने सरकार की ओर से केस लड़ा था। उनकी इस लड़ाई में कई अड़चने देखने को मिलती है। ट्रेलर में वामिका गब्बी और जयदीप अहलावत की झलक भी दिखाई देती है।
उज्ज्वल निकम का किरदार निभाने को लेकर राजकुमार राव ने कहा कि वह सार्वजनिक जीवन में चर्चित इस शख्सियत के पीछे के इंसान को समझना चाहते थे और पूरी संवेदनशीलता के साथ किरदार को पर्दे पर उतारना चाहते थे। उन्होंने एक बयान में कहा, “उज्ज्वल निकम का किरदार निभाना मेरे लिए शुरुआत से ही दिल से जुड़ी जिम्मेदारी थी। वह एक वास्तविक व्यक्ति हैं, जिनका काम मुंबई के इतिहास के सबसे कठिन अध्यायों में से एक से गहराई से जुड़ा है। मैं केवल एक चर्चित शख्सियत की नकल नहीं करना चाहता था, बल्कि उस नाम के पीछे के इंसान, उनके दृढ़ विश्वास और कर्तव्य की भावना को समझना चाहता था। ‘प्रहार’ पर काम करना मेरे लिए बेहद विनम्र और सीख देने वाला अनुभव रहा। मुझे उम्मीद है कि हम उनकी कहानी को वह सम्मान दे पाए हैं, जिसकी वह हकदार है।”
Naa bandook, naa goli, sirf saboot aur sachhai. Yeh tha Ujjwal Nikam ka Prahaar ⚖️#Prahaar: The Untold Story of Ujjwal Nikam trailer out now.
In cinemas 16th October, 2026. pic.twitter.com/bOJSTRq73i— Maddockfilms (@MaddockFilms) September 29, 2026
उन्होंने कहा, “‘प्रहार’ केवल उस घटना को दोहराने वाली फिल्म नहीं है, जिसे हम पहले से जानते हैं। यह उन सुर्खियों के खत्म होने के बाद की घटनाओं, लोगों, सवालों और उसके बाद न्याय की तलाश को देखने का प्रयास है। उज्ज्वल निकम का सफर हमें उस दुनिया में प्रवेश करने का एक रास्ता देता है। चुनौती यह थी कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित कहानी को इस तरह पेश किया जाए कि दर्शक इसके केंद्र में मौजूद व्यक्ति से जुड़ सकें। मैं चाहता था कि फिल्म मानवीय, ईमानदार और वास्तविक लगे, लेकिन साथ ही उन घटनाओं की गंभीरता को कभी नजरअंदाज न करे।”