चीन-नेपाल बॉर्डर पर बसे इस गांव के लोगों को 2000 रुपए में पड़ रहा सिलेंडर, चूल्हा जलाने को मजबूर परिवार

पिथौरागढ़: एक तरफ केंद्र सरकार उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को मुफ्त में सिलेंडर बांट रही है और लोगों की जिंदगी को धुआं मुक्त करने का दावा कर रही है। वहीं चीन और नेपाल बॉर्डर पर बसा एक गाँव ऐसा भी है जहां ग्रामीणों को सिलेंडर की कीमत 2000 रुपये चुकानी पड़ रही है। दरअसल धारचुला तहसील के जयकोट गांव में संचार सुविधा मौजूद नहीं है। जिस कारण लोगों की गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है। यही नहीं जयकोट ग्रामसभा को जोड़ने वाला मार्ग भी पिछले 9 महीने से बंद पड़ा है। जिस कारण गांव तक सिलेंडर लाने में उसकी कीमत 2000 रुपये चुकानी पड़ रही है। ऐसे में गरीब परिवार सिलेंडर को छोड़कर वापस चूल्हा जलाने को मजबूर हो गये है। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 180 किलोमीटर दूर स्थित जयकोट गांव में ग्रामीणों को 950 रुपये का सिलेंडर 2000 रुपये में मिल रहा है। सड़क और संचार सुविधा से वंचित होने के कारण ग्रामीणों को सिलेंडर गैस की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ऐसे में नाराज ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर इलाके को सड़क और संचार सुविधा से जोड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 9 माह से उनके गांव को जोड़ने वाली सड़क बंद पड़ी है। साथ ही गांव में संचार सुविधा का भी कोई नामोनिशान नहीं है। संचार नहीं होने से गैस बुकिंग की बुकिंग नहीं हो पा रही है और लोगों सिलेंडर लेने के लिए 2000 रुपये की कीमत चुकानी पड़ रही है। ऐसे में अब ग्रामीणों के पास चुनाव बहिष्कार के अलावा कोई भी रास्ता शेष नहीं रह गया है।

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