India-Tibet border : पिथौरागढ़ में भारत-तिब्बत सीमा व्यापार को पुनः गति देने की दिशा में व्यापारियों को व्यापारिक परमिट वितरित किए गए। धारचूला ट्रेड कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपजिलाधिकारी एवं ट्रेड अधिकारी आशीष जोशी ने व्यापारियों को परमिट प्रदान किए।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष भारत-तिब्बत सीमा व्यापार हेतु कुल 103 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 26 परमिट तैयार कर जारी किए जा चुके हैं। इनमें 17 परमिट भारतीय व्यापारियों को तथा 9 परमिट भारतीय सहायक (हेल्परों) को प्रदान किए गए हैं।
इस अवसर पर भारत-तिब्बत सीमा व्यापार संघ के अध्यक्ष जीवन सिंह रौकली, महासचिव दौलत सिंह राइपा, बिशन सिंह गर्ब्याल, रतन सिंह राइपा, चक्कर सिंह बुधियाल सहित कई व्यापारियों को परमिट सौंपे गए।
उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि गुंजी में कस्टम संबंधी आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं भी प्रारंभ कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि तैयार परमिटों को शीघ्र जारी किया जाए। शेष आवेदनों पर भी प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा व्यापार के पुनः संचालन से सीमांत क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इस वर्ष युवा व्यापारियों की भागीदारी में भी वृद्धि देखी गई है। नवयुवक व्यापारी के रूप में सुनील गर्ब्याल सहित एक महिला व्यापारी भी इस व्यापारिक गतिविधि से जुड़ रही हैं।
इस पहल से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है।