UP News: पेपर लीक किया तो होगा आजीवन कारावास, एक करोड़ का लगेगा जुर्माना

UP News: उत्तर प्रदेश में परीक्षाओं को पारदर्शी और शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए योगी सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों और पेपर लीक की रोकथाम के लिए अध्यादेश को मंजूरी प्रदान की गई है।

इस अध्यादेश के तहत उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सजा के कड़े प्राविधान सम्मिलित किए गए हैं, जिनमें 2 साल से लेकर आजीवन कारावास तक का दंड और एक करोड़ रुपए तक के जुर्माने को शामिल किया गया है। बता दें कि योगी सरकार पहले भी पेपर लीक जैसे मामलों पर कड़े कदम उठा चुकी है और अब इस अध्यादेश को इसी क्रम में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।

लोकभवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद वित्त व संसदीय मंत्री सुरेश खन्ना ने मंजूर किए गए प्रस्तावों को लेकर बताया कि कैबिनेट के समक्ष कुल 44 प्रस्ताव रखे गए थे, जिसमें 43 को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है। अनुमोदित प्रस्तावों में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों और पेपर लीक रोकथाम अध्यादेश 2024 भी शामिल रहा।

वित्त मंत्री ने बताया कि पेपर लीक के संबंध में मंत्रिपरिषद के द्वारा अध्यादेश के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया है, जिसमें यदि कोई संस्था या उससे जुड़े लोग पकड़े जाएंगे तो उन्हें 2 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास की सजा और एक करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्राविधान किया गया है। उन्होंने बताया कि अध्यादेश के तहत लोकसेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड, उत्तर प्रदेश बोर्ड, विश्वविद्यालय, प्राधिकरण या निकाय या उनके द्वारा नामित संस्था भी इसमें सम्मिलित हैं। यह अध्यादेश किसी प्रकार की भर्ती परीक्षाओं, नियमितीकरण या पदोन्नती करने वाली परीक्षाएं, डिग्री-डिप्लोमा, प्रमाण पत्रों या शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षाओं पर भी लागू होगा।

इसके अंतर्गत फर्जी प्रश्नपत्र बांटना, फर्जी सेवायोजन वेबसाइट बनाना इत्यादि दंडनीय अपराध बनाए गए हैं। अधिनियम के प्राविधानों के उल्लंघन पर अध्यादेश के अंतर्गत दोषियों को 2 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा, जबकि एक करोड़ रुपए के जुर्माने का प्राविधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि यदि परीक्षा प्रभावित होती है तो उस पर आने वाले वित्तीय भार को सॉल्वर गिरोह से वसूलने तथा परीक्षा में गड़बड़ी करने वाली संस्था तथा सेवा प्रदाताओं को सदैव के लिए ब्लैक लिस्ट करने का भी प्राविधान किया गया है। अधिनियम में अपराध की दशा में संपत्ति की कुर्की भी प्राविधानित की गई है। इसके तहत समस्त अपराध संज्ञेय, गैर जमानती एवं सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय एवं अशमनीय बनाए गए हैं। जमानत के संबंध में भी कठोर प्राविधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विधानसभा का सत्र न होने के कारण बिल के स्थान पर अध्यादेश का प्रस्ताव किया गया है। मंत्रिपरिषद के द्वारा प्रस्ताव के अनुमोदन के बाद अध्यादेश की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा और इसके बाद इसे लागू किया जाएगा।

योगी सरकार ने वाराणसी, बरेली और मुरादाबाद विकासा प्राधिकरणों के विस्तार के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत इन विकास प्राधिकरणों में कई राजस्व गांवों को सम्मिलित किया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि तीन प्राधिकरणों के सीमा विस्तार का भी निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत वाराणसी विकास प्राधिकरण में 215 राजस्व गांव सम्मिलित किए गए हैं, वहीं बरेली विकास प्राधिकरण में भी 35 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं, इसी तरह मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में 71 राजस्व गांवों को सम्मिलित किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *