UP News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से उठाए जा रहे वोट चोरी के मुद्दे पर बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। यूपी बीजेपी के उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने शासनकाल में कामकाज को लेकर सवालों के घेरे में रहे लोग अब वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को जवाब देगी। पार्टी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके कार्यकाल में अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण मिलने के आरोप लगते रहे, वे आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं।
नीरज सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और कांग्रेस वोट चोरी का मुद्दा उठाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और आने वाले विधानसभा चुनाव में मतदाता विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे।
‘सपा सरकार में बेटियों को सुरक्षा की चिंता रहती थी’
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार में युवाओं को बिना सिफारिश और पैसे के सरकारी नौकरी मिल रही है। उनके मुताबिक, प्रदेश में अब तक 9.5 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और महिलाओं तथा बेटियों को सुरक्षा को लेकर चिंता रहती थी। उन्होंने तत्कालीन सरकार पर अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।
दिनेश प्रताप सिंह ने सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि दोनों दल एकजुटता की बात करते हैं, लेकिन उनके बीच नेतृत्व और बड़े-छोटे भाई की भूमिका को लेकर ही स्पष्टता नहीं है। उनके अनुसार, दोनों पार्टियों के बीच जारी खींचतान उनके राजनीतिक तालमेल पर सवाल खड़े करती है।
‘विपक्ष हार के डर से जनादेश पर उठा रहा सवाल’
बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अपनी चुनावी असफलताओं का ठीकरा वोट चोरी के आरोपों पर फोड़ रही हैं। उन्होंने इसे जनता के जनादेश पर सवाल उठाने की कोशिश बताया। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के शासनकाल में प्रदेश में दंगे, अपराध और जमीनों पर अवैध कब्जे की घटनाएं होती थीं।
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में माफिया तत्वों के खिलाफ कार्रवाई हुई है और उनका प्रभाव कम हुआ है। सपा-कांग्रेस के गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने इसे ‘ठगबंधन’ करार दिया और कहा कि दोनों दलों के बीच आपसी मतभेदों के बावजूद एकजुटता की बात करना विरोधाभासी है।
बीजेपी नेताओं ने अपने बयानों के जरिए आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। ये सभी आरोप और दावे बीजेपी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।