Sports: भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ियों पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को दोहरी खुशी दी, फाइनल मुकाबलों में दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने सीधे गेम में जीत हासिल कर महिला और पुरुष एकल का खिताब अपने नाम किया। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने जहां डेनमार्क की लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ड को मात दी, वहीं लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
सिंधू ने 39 मिनट में जीता फाइनल
पूर्व विश्व चैंपियन पीवी सिंधू ने महिला एकल के खिताबी मुकाबले में आठवीं वरीयता प्राप्त केयर्सफेल्ड को 21-12, 21-14 से शिकस्त दी। विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर मौजूद डेनमार्क की खिलाड़ी के खिलाफ सिंधू ने शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए रखी। करीब 39 मिनट तक चले मुकाबले में भारतीय शटलर ने आक्रामकता और बेहतरीन कोर्ट कवरेज का परिचय दिया।
जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीतने वाली सिंधू का मौजूदा सत्र में यह दूसरा खिताब है। पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में वह उपविजेता रही थीं।
मैच के बाद सिंधू ने कहा कि उनके लिए प्रतिद्वंद्वी की रैंकिंग या पहचान से ज्यादा जरूरी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था। उन्होंने बताया कि केयर्सफेल्ड के साथ पहले भी कई मुकाबले हो चुके हैं, इसलिए हर अंक पर ध्यान बनाए रखना उनकी रणनीति का अहम हिस्सा था। सिंधू के मुताबिक, शुरुआती बढ़त हासिल करने के बाद उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का अवसर नहीं दिया।
सिंधू की जीत से विश्व टूर फाइनल्स की उम्मीदें मजबूत
इस खिताबी जीत से विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर मौजूद सिंधू को 9,200 रैंकिंग अंक मिले। इसके साथ ही साल के आखिर में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने की उनकी संभावनाएं भी बेहतर हुई हैं।
अपने प्रदर्शन और फॉर्म पर बात करते हुए सिंधू ने इसका श्रेय अपनी पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर नतीजों के लिए लगातार खेल में सुधार, सही फैसले लेने और मानसिक रूप से शांत रहने पर काम किया जा रहा है। सिंधू ने यह भी माना कि उनके खेल में अभी सुधार की गुंजाइश मौजूद है और वह मौजूदा प्रगति से खुश हैं।
पहले गेम से ही सिंधू ने बनाया दबाव
मुकाबले की शुरुआत में सिंधू ने तेजी से अंक जुटाए, हालांकि कुछ गलतियों के चलते केयर्सफेल्ड ने स्कोर 3-3 से बराबर कर लिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने सटीक शॉट और नेट पर बेहतर नियंत्रण के जरिए 8-5 की बढ़त बनाई। ब्रेक तक सिंधू तीन अंक आगे थीं।
मैच आगे बढ़ने के साथ उन्होंने कोर्ट के पिछले हिस्से से प्रभावी शॉट लगाए और बैकहैंड विनर की मदद से अपनी स्थिति मजबूत की। डेनमार्क की खिलाड़ी की गलतियों का फायदा उठाते हुए सिंधू ने पहला गेम 21-12 से जीत लिया।
दूसरे गेम में भी सिंधू का दबदबा जारी रहा। केयर्सफेल्ड ने बीच में वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने लगातार विनर शॉट लगाकर बढ़त बनाए रखी। अंत में सिंधू ने आक्रामक रिटर्न के दम पर छह चैंपियनशिप पॉइंट हासिल किए और पहले ही मौके पर मुकाबला खत्म कर दिया।
लक्ष्य सेन ने जोनाथन क्रिस्टी को दी शिकस्त
पुरुष एकल के फाइनल में लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को 21-17, 21-10 से हराकर भारत की झोली में दूसरा खिताब डाल दिया। मुकाबले से पहले क्रिस्टी के खिलाफ लक्ष्य का जीत-हार का रिकॉर्ड 3-4 था। हालांकि, पेरिस ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ी उन्हें हरा चुके थे।
फाइनल में लक्ष्य ने आक्रामक शुरुआत करते हुए 8-4 की बढ़त हासिल की। क्रिस्टी ने वापसी कर कुछ समय के लिए स्कोर में बढ़त जरूर बनाई, लेकिन लक्ष्य ने दमदार स्मैश और रणनीतिक शॉट के जरिए मुकाबले पर फिर नियंत्रण कायम कर लिया।
भारतीय खिलाड़ी ने पहला गेम 21-17 से अपने नाम किया। क्रिस्टी की सर्विस में हुई गलती और नेट पर उनके चूके हुए शॉट ने लक्ष्य की राह आसान कर दी।
दूसरे गेम में लक्ष्य का एकतरफा प्रदर्शन
राष्ट्रमंडल खेल 2022 के चैंपियन लक्ष्य सेन ने दूसरे गेम में भी अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने शुरुआती दौर में 6-3 की बढ़त बनाई और ब्रेक तक चार अंक से आगे रहे। तेज रैलियों और नेट के पास सटीक खेल के जरिए उन्होंने क्रिस्टी पर दबाव बनाए रखा।
दूसरे गेम में लक्ष्य ने स्कोर 16-9 तक पहुंचा दिया। क्रिस्टी की लगातार गलतियों के चलते भारतीय खिलाड़ी को 10 चैंपियनशिप पॉइंट मिले। लक्ष्य ने पहले ही मौके पर जीत दर्ज करते हुए 21-10 से दूसरा गेम अपने नाम किया और पुरुष एकल का खिताब जीत लिया।
इस तरह पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन की शानदार जीत के साथ हाइलो ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट में भारत ने महिला और पुरुष एकल, दोनों वर्गों में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।