Lucknow: नारी शक्ति वंदन विधेयक को गिराने पर राजधानी लखनऊ में महिलाओं की विशाल आक्रोश पदयात्रा आयोजित हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हजारों महिलाएं मुख्यमंत्री आवास (5 कालीदास मार्ग) से विधानसभा तक पैदल चलकर गईं और सपा-कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार की कई महिला मंत्रियों समेत अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने इंडी गठबंधन को महिला विरोधी बताया।
मुख्यमंत्री आवास पर हजारों महिलाएं जन आक्रोश महिला पदयात्रा में शामिल हुईं। इस दौरान उन्हें महिला नेताओं ने संबोधित किया और सपा-कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता को आगामी चुनावों में याद रखने के लिए कहा।
शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि सपा और कांग्रेस की सोच मेढक जैसी है। ये सब अगर कूदेंगे तो नाले में ही गिरेंगे। विपक्ष की मानसिकता को महिलाएं पहचान लें। विधेयक गिराए जाने से देशभर में महिलाएं आक्रोश में हैं, ये आक्रोश पंचायत, विधानसभा और लोकसभा तक दिखना चाहिए। महिलाओं को अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी। 2027 और 2029 में फिर भाजपा की सरकारें बनानी होगी।
महिला कल्याण मंत्री बेबी रनी मौर्य ने कहा कि विधेयक को गिराने के वक्त संसद में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, सपा सांसद डिम्पल यादव भी बैठी थीं। विपक्ष की महिला सांसदों ने टेबल थपथपा कर खुशी जाहिर की थी, जबकि उन्हें दुखी होना चाहिए था। उन्होंने महिलाओं से अपने अपमान का बदला लेने को कहा।
पूर्व भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी महिला सशक्तीकरण के लिए विधेयक लाए थे। हालांकि विपक्ष ने महिला विरोधी मानसिकता के चलते इसे रोकने का काम किया। महिलाएं एकजुट होकर विपक्ष को अपनी ताकत का एहसास कराएं।
इस पदयात्रा के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री ओम प्रकाश राजभर, आशीष पटेल, एके शर्मा, अनिल कुमार, रजनी तिवारी, प्रतिभा शुक्ला, विजय लक्ष्मी गौतम, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद गीता शाक्य, विधायक जय देवी, अदिति सिंह, आशा मौर्य, महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, चारू चौधरी, राज्य महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह भी मौजूद थीं।