Karisma Kapoor: अभिनेत्री करिश्मा कपूर का कहना है कि वो अपने करियर के उस मुकाम पर पहुंच चुकी हैं जहां वो तभी काम करती हैं जब कोई प्रोजेक्ट उन्हें सचमुच उत्साहित करता है। उन्होंने बताया कि इसी सोच की वजह से वो लगभग “ब्राउन” को ठुकराने वाली थीं, जिसमें उन्होंने अपने करियर की सबसे प्रभावशाली भूमिकाओं में से एक निभाई है, ये सीरीज ZEE5 पर स्ट्रीम हुई है। इसमें करिश्मा ने एक पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया है, जो नशे की लत और अपने अंदर के संघर्षों से जूझ रही है।
51 साल की करिश्मा ने खास बातचीत में कहा, “मैं दिल से काम करती हूं, दिमाग से नहीं… मैं जैसी हूं वैसी ही खुश हूं। जब काम करने का मन होता है, तो काम करती हूं। जब मन नहीं होता, तो नहीं करती। मुझे काम की इतनी चाहत या कमी महसूस नहीं होती।” “ब्राउन” 2020 में आई उनकी सीरीज़ “मेंटलहुड” के बाद का उनका पहला प्रोजेक्ट है, जो ZEE5 ही रिलीज हुई थी।
करिश्मा ने बताया कि जब उन्हें इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव मिला तो वो हिचकिचा रही थीं क्योंकि वो लंबे समय तक चलने वाले प्रोजेक्ट पर काम नहीं करना चाहती थी। उन्होंने कहा, “मुझे लगा, ‘शायद मैं किसी दूसरे शहर में 50-60 दिन बिताना नहीं चाहती।’ ये एक लंबी सीरीज है, जिसमें छह, सात या आठ एपिसोड हैं। लेकिन जब मैं अभिनय से मिली, स्क्रिप्ट पढ़ी और रीता ब्राउन का किरदार सुना, तो जाहिर है मैं मना नहीं कर सकी।”
कोलकाता में फिल्माई गई “ब्राउन” सीरीज का निर्देशन “देली बेली” के निर्देशक अभिनय देव ने किया है और इसका निर्माण जी स्टूडियोज ने किया है। सीरीज में करिश्मा रीता ब्राउन का किरदार निभा रही हैं, जो कभी शहर की सबसे बेहतरीन पुलिस अधिकारी थीं, लेकिन अब बदनामी झेल चुकी हैं और शराब की आदी हैं, अपने अतीत से परेशान हैं। उन्हें सिलसिलेवार क्रूर हत्याओं की जांच के लिए वापस बुलाया जाता है।
अभिनेत्री ने कहा कि ये किरदार उनके तीन दशक लंबे करियर में निभाए गए किसी भी किरदार से बिल्कुल अलग है। करिश्मा ने अपने करियर में “अंदाज अपना अपना”, “राजा हिंदुस्तानी”, “दिल तो पागल है”, “बीवी नंबर 1”, “हीरो नंबर 1”, “फिजा” और “जुबैदा” जैसी कई हिट फिल्में की हैं। उन्होंने कहा, “रीता ब्राउन जो कुछ भी करती है, वो करिश्मा कपूर नहीं करतीं। वो शराबी हैं, ड्रग्स लेती हैं, कई तरह की भावनाओं से गुजर रही हैं, खाना नहीं खातीं – जबकि मैं खाने की शौकीन हूं। मैं इस चुनौती को स्वीकार करना चाहती थी और इस किरदार को निभाना चाहती थी, जिसका मैंने भरपूर आनंद लिया।”
करिश्मा ने आगे कहा कि उन्हें इस बात से दिलचस्पी हुई कि रीता सिर्फ एक “पुलिसवाली नहीं है बल्कि उसकी एक अलग कहानी है।” उन्होंने कहा, “वो सचमुच एक टूटी हुई महिला है जो जीने के लिए संघर्ष कर रही है। वो खुद का ख्याल रखने या अकेले रहने के लिए अपनी नौकरी छोड़ देती है। उसके शहर में हुई एक हत्या उसे फिर से अपनी गिरफ्त में ले लेती है, और वो इससे उबर नहीं पाती।” करिश्मा ने कहा, “वो एक वास्तविक मानवीय चरित्र है, एक संघर्षरत महिला, लेकिन साथ ही ‘ब्राउन’ की कहानी के दौरान आप उसका विकास भी देखेंगे।”
फिल्म इंडस्ट्री में काम करते करिश्मा को 35 साल हो चुके हैं। वो बताती हैं कि उनके पास लंबे समय तक टिके रहने या खुद को नए सिरे से गढ़ने का कोई खास फॉर्मूला नहीं है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए, यह मेरी अपनी राह, मेरा अपना गति, मेरी अपनी दौड़ है। मैं चुनिंदा काम करती हूं। मैं खुद को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेती – मैं एक अभिनेत्री हूं, मैं सेट पर जाती हूं और खुद को निर्देशक के हवाले कर देती हूं। एक कलाकार का काम यही होता है कि हम खुद को निर्देशक के हवाले कर देते हैं।”
करिश्मा ने ये भी बताया कि वो कभी अपनी फिल्में नहीं देखतीं। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी एक भी फिल्म नहीं देखी। अपने पूरे करियर में कभी नहीं। मैं शायद ट्रेलर या गाना देख लेती हूं। खुद की आलोचना करना हमेशा अच्छा होता है और इतना सहज नहीं होना चाहिए कि बैठकर कहूं, ‘चलो खुद को देख लेते हैं।’ और मेरा मानना है कि ये अच्छी बात है – हमेशा सतर्क रहना।” सीरीज “ब्राउन” में जीशु सेनगुप्ता, सूर्या शर्मा और सोनी राजदान अहम किरदार में हैं।