FSDA: त्योहारी सीजन में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मुहैया कराने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने जांच अभियान तेज कर दिया है। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत विभाग की 69 टीमों ने कानपुर, गोरखपुर, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या और प्रयागराज में मिठाई बनाने वाली इकाइयों सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर स्वच्छता नियमों का उल्लंघन सामने आया।
जांच में कहीं मिठाइयां गंदे फर्श पर रखी मिलीं तो कहीं उत्पादन स्थलों पर कॉकरोच, मक्खियां, चूहों की गंदगी और मकड़ी के जाले पाए गए। कुछ जगहों पर प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल और बिना वैध लाइसेंस कारोबार चलाने के मामले भी उजागर हुए। गंभीर खामियों को देखते हुए विभाग ने नौ खाद्य प्रतिष्ठानों का संचालन बंद करा दिया।
116 प्रतिष्ठानों की जांच, 149 नमूने एकत्रित
छह शहरों में चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल 116 खाद्य कारोबार इकाइयों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने जांच के लिए 149 नमूने जुटाए और नियमों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों को 96 सुधार नोटिस जारी किए।
कार्रवाई के दौरान 655 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 4,07,176 रुपये बताई गई है। इसके अलावा 537 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसका अनुमानित मूल्य 1,98,230 रुपये है।
कानपुर: मिठाई निर्माण इकाइयों में सफाई की कमी
कानपुर नगर में न्यू तिवारी स्वीट्स के उत्पादन परिसर में गंदगी और दुर्गंध के साथ खाद्य सामग्री के असुरक्षित भंडारण की स्थिति मिली। तैयार मिठाइयों की ट्रे सीधे फर्श पर रखी हुई थीं। लाला दयाराम स्वीट्स में भी सफाई व्यवस्था खराब पाई गई। परिसर में मकड़ी के जाले और कालिख मौजूद थी। कारखाने की ड्रेनेज व्यवस्था जाम होने के कारण खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा भी सामने आया।
कानपुर में 12 टीमों ने 20 में से 19 इकाइयों की जांच की। इस दौरान 26 नमूने लिए गए और 16 सुधार नोटिस जारी किए गए।
गोरखपुर: बिना लाइसेंस चल रहा था मिठाई कारखाना
गोरखपुर के धर्मशाला बाजार स्थित कामधेनु स्वीट्स के कारखाने में साफ-सफाई की गंभीर कमी मिली। उत्पादन स्थल की दीवारें क्षतिग्रस्त थीं और परिसर में कूड़े के साथ मकड़ी के जाले भी पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान खाद्य कारोबार के लिए जरूरी लाइसेंस के बिना संचालित हो रहा था।
यहां 15 टीमों ने 27 में से 23 इकाइयों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने 17 नमूने एकत्र किए और 20 सुधार नोटिस जारी किए।
मेरठ: प्रतिबंधित रसायनों के उपयोग की आशंका
मेरठ के सम्राट स्वीट्स में जांच के दौरान प्रतिबंधित सैकरिन, कॉस्टिक सोडा और रंग के इस्तेमाल का मामला सामने आया। इसके साथ ही गैर-खाद्य श्रेणी के सोडियम बाइकार्बोनेट के उपयोग की बात भी जांच में सामने आई। प्रतिष्ठान में जल निकासी की व्यवस्था खराब थी और कीटों से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले।
गाजियाबाद: तीन प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद
गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित तिरुपति फूड्स में कच्चा माल गंदे फर्श पर रखा मिला। साहिबाबाद के अग्रवाल फूड्स में भंडारण स्थल पर कॉकरोच और अन्य कीड़े पाए गए। यहां उत्पादन परिसर की दीवारें भी क्षतिग्रस्त थीं और उनसे सीमेंट झड़ रहा था। तैयार खाद्य सामग्री भी फर्श पर रखी मिली।
नेहरू नगर के शगुन स्वीट्स में गंदगी, टूटा फर्श, बेतरतीब ढंग से रखा कच्चा माल और खराब ड्रेनेज व्यवस्था सामने आई। गाजियाबाद में 18 टीमों ने 25 इकाइयों का निरीक्षण कर 49 नमूने लिए और 20 सुधार नोटिस जारी किए। इस कार्रवाई में तीन प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराया गया।
अयोध्या: गंदे पानी के बीच मिठाइयों का भंडारण
अयोध्या के बेलसर चौराहा स्थित राम नरेश स्वीट्स में मिठाइयों के निर्माण और भंडारण के लिए अस्वच्छ परिस्थितियां मिलीं। परिसर में मक्खियां मौजूद थीं और सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी।
मोहम्मदपुर के संजय यादव स्वीट हाउस में भी गंदगी, कीड़े-मकोड़े और चूहों की गंदगी पाई गई। फर्श पर जमा दूषित पानी के पास ही खाद्य सामग्री रखी हुई थी। डीप फ्रीजर से निकलने वाला गंदा पानी परिसर में फैला था और इसी स्थिति वाले फ्रीजर में मिठाइयां रखी जा रही थीं। पूरे परिसर में दुर्गंध भी पाई गई।
अयोध्या में आठ टीमों ने 18 इकाइयों की जांच की। इस दौरान 14 नमूने लिए गए और 13 सुधार नोटिस जारी किए गए।
प्रयागराज: 18 इकाइयों की जांच, 14 नमूने लिए गए
प्रयागराज में FSDA की आठ टीमों ने 18 खाद्य कारोबार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 14 खाद्य नमूने एकत्र किए गए और कमियां मिलने पर 15 सुधार नोटिस जारी किए गए। विभाग के मुताबिक, यहां किसी भी इकाई का लाइसेंस निलंबित नहीं किया गया।
खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन पर विभाग की नजर
‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के जरिए FSDA खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ उनके निर्माण, भंडारण और बिक्री की प्रक्रियाओं में स्वच्छता सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है। जांच टीमों को उत्पादन स्थलों की सफाई, कच्चे माल के सुरक्षित भंडारण, तैयार खाद्य पदार्थों को फर्श से ऊपर रखने, कीट नियंत्रण, जल निकासी और केवल अनुमोदित खाद्य सामग्री के इस्तेमाल की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग का कहना है कि सामान्य अनियमितताएं मिलने पर कारोबारियों को सुधार नोटिस देकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अवसर दिया जा रहा है। वहीं, गंभीर उल्लंघनों पर प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराने जैसी कार्रवाई की जा रही है। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।