Diwali: दीपावली से पहले यूपी में मिठाई की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई

Diwali:  दीपावली के त्योहार पर लोगों को सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाली मिठाइयां उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) ने प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान चलाया। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में खास तौर पर उन अस्थायी मिठाई निर्माण इकाइयों की जांच की गई, जो त्योहारों के दौरान ही सक्रिय होती हैं। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाइयां तैयार किए जाने की आशंका को देखते हुए सभी मंडलों में एक साथ निरीक्षण किया गया।

अभियान के दौरान प्रदेश के 379 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई और 373 नमूने लिए गए। नियमों में खामियां मिलने पर 211 प्रतिष्ठानों को सुधार संबंधी नोटिस जारी किए गए। वहीं, गंभीर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी लापरवाही के चलते नौ इकाइयों के लाइसेंस निलंबित कर उनका कारोबार बंद करा दिया गया। इसके अलावा एक बिना लाइसेंस संचालित इकाई पर भी कार्रवाई करते हुए उसे बंद कराया गया। उसके संचालक के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

कार्रवाई के दौरान करीब 50 कुंतल दूषित मिठाइयां नष्ट कराई गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 11 लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही लगभग 49 कुंतल संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका मूल्य करीब 11.50 लाख रुपये आंका गया। इस तरह कुल 99 कुंतल खाद्य सामग्री पर कार्रवाई हुई, जिसकी संयुक्त अनुमानित कीमत लगभग 22.50 लाख रुपये है।

निष्पक्ष जांच के लिए अपनाई गई अंतर-जनपदीय व्यवस्था

अभियान को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने अंतर-जनपदीय निरीक्षण की रणनीति अपनाई। इसके तहत एक मंडल के अधिकारियों को दूसरे जनपदों में जांच की जिम्मेदारी देकर अलग-अलग टीमों से एक साथ निरीक्षण कराया गया। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर निष्पक्षता बनाए रखते हुए खाद्य सुरक्षा नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना था।

जांच के दौरान अधिकारियों ने केवल तैयार मिठाइयों के नमूने ही नहीं लिए, बल्कि निर्माण की पूरी प्रक्रिया का जायजा भी लिया। इसमें परिसर की साफ-सफाई, सैनिटेशन, कच्चे माल और तैयार उत्पादों का भंडारण, खाद्य रंगों एवं तेल की गुणवत्ता, मिलावट की आशंका, मिठाइयों की गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ, पीने के पानी की शुद्धता, कर्मचारियों से जुड़े मानक, लाइसेंस, रिकॉर्ड और पैकेजिंग की जांच शामिल रही।

कई इकाइयों में गंदगी और कीटों की मौजूदगी के बीच मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। कुछ स्थानों पर कच्चे माल को असुरक्षित तरीके से रखा गया था और इस्तेमाल की जा रही खाद्य सामग्री भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी। इन अनियमितताओं पर विभाग ने नियमों के तहत कार्रवाई की।

संभल में पांच रसगुल्ला इकाइयों के लाइसेंस निलंबित

संभल जिले में पांच रसगुल्ला निर्माण इकाइयों में साफ-सफाई और भंडारण से संबंधित गंभीर खामियां मिलीं। जांच के बाद सत्तार रसगुल्ला निर्माण शाला, जोगेंद्र रसगुल्ला कारखाना, इरफान रसगुल्ला, तहजीब रसगुल्ला और साने आलम रसगुल्ला निर्माण इकाइयों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। इन सभी का खाद्य कारोबार भी बंद करा दिया गया।

शामली में प्रतिबंधित रसायन मिलने पर कार्रवाई

शामली स्थित जखीरा बत्तीसा निर्माण कारखाने की जांच में सेफोलाइट नामक ऐसा रसायन पाया गया, जिसका खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल अनुमन्य नहीं है। इसके अलावा निर्माण परिसर में गंदगी भी मिली। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए विभाग ने संबंधित इकाई के खिलाफ कार्रवाई की।

बुलंदशहर में दो स्वीट्स प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज

बुलंदशहर में बंधन स्वीट्स और रामा स्वीट्स के निरीक्षण के दौरान स्वच्छता तथा खाद्य सामग्री के भंडारण में गंभीर कमियां सामने आईं। इसके बाद दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर उनका संचालन बंद करा दिया गया।

लखनऊ में गंदगी और बिना लाइसेंस कारोबार पर कार्रवाई

लखनऊ मंडल में पारा के नरपतखेड़ा स्थित जय श्री दुर्गा गृह उद्योग में अत्यधिक गंदगी और कीटों की मौजूदगी के बीच खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे थे। विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यहां खाद्य कारोबार बंद करा दिया।

वहीं, काकोरी के पटोली, बनियाखेड़ा स्थित आकृति गृह उद्योग बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाया गया। इस इकाई का कारोबार भी बंद करा दिया गया है। संचालक के खिलाफ सक्षम न्यायालय में वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

करीब 22.50 लाख रुपये की खाद्य सामग्री पर कार्रवाई

पूरे प्रदेश में चलाए गए अभियान के दौरान लगभग 50 कुंतल दूषित मिठाइयां नष्ट की गईं, जिनकी कीमत करीब 11 लाख रुपये आंकी गई। इसके अलावा 49 कुंतल संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य 11.50 लाख रुपये है। इस प्रकार करीब 99 कुंतल खाद्य सामग्री के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

छोटे कारोबारियों को परेशान न करने के निर्देश

यूपीएफएसडीए आयुक्त ने अभियान में शामिल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच के नाम पर छोटे और खुदरा खाद्य कारोबारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य वास्तविक अनियमितताओं और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना है, न कि नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को परेशान करना।

विभाग ने स्पष्ट किया कि दीपावली के दौरान बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर लोगों के स्वास्थ्य को जोखिम में डालने वाली इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

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