Sawan Somwar: आज सावन का पहला सोमवार, कांवड़ियों पर आसमान से पुष्प वर्षा

Sawan Somwar: उत्तर भारत पंचांग के अनुसार आज 3 अगस्त 2026 को सावन का पांचवा दिन है, और आज सावन का पहला सोमवार भी है, 30 जुलाई से शुरू हुई यह पावन कांवड़ यात्रा आज पहले सोमवार के दिन चरम पर पहुंच गई है।

1. हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या–

Sawan Somwar कांवड़ यात्रा के शुरुआती तीन से चार दिनों के भीतर ही हरिद्वार में श्रद्धालुओं का आंकड़ा 15 से 20 लाख को पार कर चुका है।

दैनिक प्रवाह: यात्रा के दूसरे दिन ही अकेले 10 लाख से अधिक कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए थे। आज सावन के पहले सोमवार के मौके पर हरिद्वार के हर की पौड़ी और अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ा हुआ है।

2. प्रशासन की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था–

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश प्रशासन ने इस वर्ष की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए बेहद कड़े इंतजाम किए हैं–

पुष्प वर्षा से स्वागत: हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रियों का स्वागत आसमान से फूल बरसाकर (पुष्प वर्षा) किया गया है।

सुरक्षा और निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र और कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात है। संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी (CCTV) नेटवर्क के जरिए चौबीसों घंटे की जा रही है।

SDRF की मुस्तैदी: घाटों पर जल पुलिस और SDRF (State Disaster Response Force) के जवान अलर्ट पर हैं। आज ही के दिन हरिद्वार में गंगा नदी के तेज बहाव में डूब रहे 7 कांवड़ियों को SDRF की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाला है।

ट्रैफिक डायवर्जन और रूट्स: दिल्ली-एनसीआर, मेरठ और उत्तराखंड हाईवे पर कड़ा रूट डायवर्जन (Traffic Plan) लागू कर दिया गया है ताकि कांवड़ियों को पैदल चलने में कोई असुविधा न हो। भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है।

सुविधाएं: कांवड़ पटरी मार्गों पर जगह-जगह सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा कांवड़ सेवा शिविर, मेडिकल कैंप, पेयजल और विश्राम स्थल बनाए गए हैं।

3. इस बार यात्रा के कड़े नियम–

लाठी-डंडों और हथियारों पर रोक: यात्रा के दौरान त्रिशूल, तलवार, लाठी, या किसी भी प्रकार के घातक हथियार जैसी दिखने वाली वस्तुओं को ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

कांवड़ की ऊंचाई की सीमा: बिजली के तारों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट और झांकियों (झांझ) की ऊंचाई 10 फीट निर्धारित की गई है।

साइलेंसर और डीजे पर सख्ती: बाइकों पर मॉडिफाइड या तेज आवाज वाले साइलेंसर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
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1. मुख्य अलर्ट वाले जिले (जहां स्कूल-कॉलेज भी बंद हैं)-

मेरठ (सबसे बड़ा ट्रांजिट हब होने के कारण यहां 12 अगस्त तक स्कूल-कॉलेज बंद हैं)

मुजफ्फरनगर (यहां 3 से 10 अगस्त तक सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं)

गाजियाबाद (दिल्ली से सटा होने के कारण यहां करीब 12 लाख कांवड़ियों के आने का अनुमान है)

हरिद्वार (उत्तराखंड – यात्रा का मुख्य केंद्र, जहां 11 अगस्त तक स्कूल बंद हैं)

बगपत, हापुड़, और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा)

2. रूट और ट्रैफिक अलर्ट (हाईवे बंद)–

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME): कांवड़ियों के लिए इसे पूरी तरह आरक्षित कर दिया गया है, सामान्य ट्रैफिक का प्रवेश प्रतिबंधित है.

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर / नेशनल हाईवे: मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और रुड़की के रास्तों पर भारी वाहनों (ट्रकों) की एंट्री 5 अगस्त से 11 अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेगी.

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अलर्ट: दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों जैसे अप्सरा बॉर्डर, भोपुरा, और कश्मीरी गेट के आसपास कांवड़ शिविरों के कारण ट्रैफिक रेंग रहा है।

 

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