IPL 2026: आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शिवम दुबे का स्पिन-हिटर से फिनिशर के रूप में बदला हुआ रोल अब तक उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं दे पाया है। एक आक्रामक मध्य-क्रम के बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाने वाले दुबे का इस सीजन में प्रदर्शन काफी फीका रहा है, जो टीम के लिए चिंता का विषय बन गया है।
2022 में चेन्नई सुपर किंग्स में शामिल होने के बाद से, शिवम दुबे ने खुद को स्पिनरों के खिलाफ आईपीएल के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक के रूप में स्थापित किया है। हालांकि, इस सीजन में धोनी की अनुपस्थिति में उन्हें पारी को समाप्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन अब तक इस सीजन में टीम के लिए कुछ खास नहीं कर पाए हैं।
शिवम दुबे ने अपने खेल में महत्वपूर्ण बदलाव किया है और अब वे केवल स्पिनरों को निशाना बनाने के बजाय तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपनी तकनीक को सुधारने पर काफी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सीएसके के बल्लेबाजी कोच माइकल हसी ने कहा, “ब्रेविस और दुबे का मध्य ओवरों में आना टीम के लिए ठीक है यही वह समय होता है जब वे सबसे अधिक प्रभावशाली हो सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “कुछ मैचों में, शायद हम उन्हें ठीक समय पर मैदान में उतारने में सफल नहीं रहे। हमने निश्चित रूप से उन्हें थोड़ा पहले मैदान में उतारने के बारे में सोचा है ताकि उन्हें संभलने और फिर गति बढ़ाने का समय मिल सके।” अब तक उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। शिवम दुबे आठ पारियों में सिर्फ छह छक्के ही लगा पाए हैं, जो पिछले सीजनों की तुलना में काफी कम है।
बल्लेबाजी क्रम में उनकी लगाताक बदलती स्थिति ने समस्या को और बढ़ा दिया है। कभी नंबर तीन, कभी चार तो कभी निचले मध्य क्रम (5-7) में उन्हें भेजा गया, जिससे उनकी लय बिगड़ी है। वहीं दूसरी तरफ स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ मध्य ओवरों में डेवाल्ड ब्रेविस को प्राथमिकता दी गई गई है, लेकिन उनकी अच्छी शुरुआत बड़े स्कोर में तब्दील नहीं हो पाई है।
आईपीएल के सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन वाकई चिंताजनक रहा है और विशेष रूप से मध्य ओवरों में बल्लेबाजी की खराब फॉर्म टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभरी है।यही वजह है कि सीएसके अंक तालिका में नीचे के पायदानों पर संघर्ष कर रही है।
अंक तालिका में चेन्नई सुपर किंग्स फिलहाल छठे स्थान पर है। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली इस टीम का सफर अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जहां उन्होंने पहले तीन मैच गंवाए और उसके बाद अगले पांच में से तीन मैचों में हार का सामना किया।
पांच बार की चैंपियन टीम के लिए प्लेऑफ की राह अभी बंद नहीं हुई है। सीएसके को अपने बचे हुए छह मैचों में से कम से कम पांच जीतने होंगे ताकि वे 16 अंकों तक पहुंच सकें, जो क्वालीफाई करने के लिए पर्याप्त होगा।