HOCKEY: पांच बार की चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपना शानदार प्रदर्शन बरकरार रखा है, राउंड रॉबिन चरण के आखिरी मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को एकतरफा अंदाज में 8-0 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने लीग चरण में अपने सभी पांच मुकाबले जीतकर 15 अंक हासिल किए और अंक तालिका में पहला स्थान सुनिश्चित किया।
एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अब तक बेहतरीन खेल दिखाया है। भारत ने इससे पहले बांग्लादेश को 13-0, चीन को 5-2, जापान को 4-1 और मलेशिया को 4-2 से हराया था। अंक तालिका में जापान दूसरे, मलेशिया तीसरे और दक्षिण कोरिया चौथे स्थान पर रहा। टूर्नामेंट का नॉकआउट चरण अब मोहाली में खेला जाएगा। बुधवार को होने वाले पहले सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला फिर से दक्षिण कोरिया से होगा। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में मलेशिया और जापान की टीमें आमने-सामने होंगी।
दिलप्रीत ने किए दो गोल, छह खिलाड़ियों ने भी दिखाया दम
दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली। दिलप्रीत सिंह ने आठवें और 40वें मिनट में गोल करके दोहरी सफलता हासिल की। उनके अलावा जुगराज सिंह ने 11वें, कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 15वें, शिलानंद लकड़ा ने 33वें, सुखजीत सिंह ने 34वें, संजय ने 36वें और अंगद बीर सिंह ने 60वें मिनट में गोल दागे।
मुकाबले के शुरुआती मिनटों में ही भारत ने गोल करने के प्रयास तेज कर दिए थे। चौथे मिनट में हरमनप्रीत के पास पर सुखजीत सिंह ने रिवर्स हिट लगाया, लेकिन दक्षिण कोरिया के गोलकीपर जेह्योन किम ने शानदार बचाव कर भारत को शुरुआती बढ़त लेने से रोक दिया। हालांकि, आठवें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने जरमनप्रीत सिंह के सटीक पास को गोल में तब्दील कर भारत का खाता खोल दिया। इसके तीन मिनट बाद जुगराज सिंह ने रिबाउंड पर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्कोर 2-0 कर दिया। पहले क्वार्टर में ही भारत ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी।
दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपने दमदार लो फ्लिक से गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। लगातार पिछड़ने के बाद दक्षिण कोरिया ने वापसी की कोशिश की और 18वें मिनट में तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। हालांकि, भारतीय डिफेंस ने सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। 24वें मिनट में भी कोरियाई टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सकी। इसके बाद भारत ने भी पेनल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर गोल किया, लेकिन बैक-स्टिक उल्लंघन के कारण रेफरी ने उसे मान्य नहीं माना।
तीसरे क्वार्टर में भारत ने दागे चार गोल
हाफ टाइम के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने हमलों की रफ्तार और तेज कर दी। तीसरे क्वार्टर में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिलने के बाद जुगराज सिंह का फ्लिक गोलकीपर ने रोक लिया, लेकिन गेंद के रिबाउंड पर शिलानंद लकड़ा ने गोल करके भारत को 4-0 की बढ़त दिला दी। इसके ठीक अगले मिनट हरमनप्रीत सिंह और संजय के बेहतरीन तालमेल से सुखजीत सिंह को मौका मिला। उन्होंने इसे मैदानी गोल में बदलकर स्कोर 5-0 कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद संजय ने भी शानदार फील्ड गोल दागते हुए भारत की बढ़त 6-0 पहुंचा दी।
40वें मिनट में हरमनप्रीत ने हवाई पास के जरिए गेंद दिलप्रीत सिंह तक पहुंचाई। दिलप्रीत ने गेंद को बेहतरीन तरीके से नियंत्रित किया और संजय के शॉट पर हल्का डिफ्लेक्शन देते हुए अपना दूसरा गोल पूरा किया। इस गोल के साथ भारत ने 7-0 की मजबूत बढ़त बना ली। अंतिम क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने दबाव बनाए रखा। मैच के आखिरी मिनट यानी 60वें मिनट में अंगद बीर सिंह ने शानदार रिवर्स हिट लगाकर मैदानी गोल किया और भारत की जीत का अंतर 8-0 कर दिया।
मैच समाप्त होने से ठीक पहले दक्षिण कोरिया को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने दोनों मौकों पर गोल बचाकर क्लीन शीट बरकरार रखी। इस तरह भारत ने शानदार जीत के साथ लीग चरण का समापन किया और अब उसकी नजरें सेमीफाइनल में एक बार फिर दक्षिण कोरिया को हराकर फाइनल में जगह बनाने पर हों