Guru Purnima 2026: आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा सनातन धर्म का अत्यंत पावन पर्व है, यह दिन महर्षि वेदव्यास को समर्पित होने के कारण व्यास पूर्णिमा भी कहलाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गुरु का पूजन, सेवा, जप और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में दान को ऐसा श्रेष्ठ कर्म बताया गया है, जो मनुष्य के जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार करता है। गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार किया गया दान गुरु कृपा प्राप्त करने का एक उत्तम माध्यम माना गया है।
गुरु पूर्णिमा ज्ञान का पर्व है, इसलिए इस दिन विद्यार्थियों को पुस्तकें, कॉपी, कलम या अन्य अध्ययन सामग्री का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। जरूरतमंद लोगों को नए वस्त्र, चादर या छाता दान करना भी पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि ज्ञान के प्रसार में किया गया सहयोग अनेक गुना फल प्रदान करता है और जीवन में उन्नति के मार्ग खोलता है।
गुरु पूर्णिमा का संबंध गुरु तत्व और बृहस्पति से भी माना जाता है। इसलिए इस दिन हल्दी, चने की दाल, पीले फल, पीले वस्त्र, केसर या बेसन से बनी मिठाई का दान शुभ माना गया है। यदि संभव हो तो गौशाला में हरा चारा, गुड़ या पशुओं के लिए भोजन का दान करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौ सेवा और गौदान का विशेष पुण्य बताया गया है तथा इससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।