Lord Buddha: भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष शुक्रवार देर रात नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय से अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना किए गए। करीब 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इन पवित्र अवशेषों की राज्य में वापसी हो रही है। इन्हें 1 नवंबर से ऐतिहासिक तवांग स्मारक में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा।
तवांग के अलावा इन अवशेषों को राज्य के दो अन्य प्रमुख बौद्ध धार्मिक केंद्रों बोमडिला और नामसाई में भी प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन को अरुणाचल प्रदेश के बौद्ध समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक अवसर माना जा रहा है।
आयोजकों को उम्मीद है कि इस विशेष प्रदर्शनी में बौद्ध धर्म के अनुयायियों के साथ-साथ विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचेंगे और भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन करेंगे। ये अवशेष ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। बौद्ध धर्म में अवशेषों की पूजा की प्राचीन परंपरा रही है, जिसके चलते श्रद्धालुओं के बीच इनका विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है।
तीन सप्ताह तक चलने वाली यह प्रदर्शनी 21 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी समाप्त होने के बाद भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को वापस नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में पहुंचा दिया जाएगा।