Swiggy: स्विगी की तरफ से कहा गया कि वह वित्त वर्ष 2030-31 तक अपने खाद्य वितरण और क्विक कॉमर्स कारोबार में वृद्धि के दम पर लगभग 10,000 करोड़ रुपये का समायोजित ईबीआईटीडीए हासिल करने का लक्ष्य रख रही है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का एकीकृत समायोजित ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 162 करोड़ रुपये सुधरा, जिससे उसका घाटा घटकर 651 करोड़ रुपये रह गया।
कंपनी ने ‘कैपिटल मार्केट्स डे 2026’ में कहा कि वह वित्त वर्ष 2025-26 के 67,734 करोड़ रुपये के सकल ऑर्डर मूल्य (जीओवी) को बढ़ाकर 2030-31 तक करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये करने का अनुमान लगा रही है। यह सालाना आधार पर 30 फीसदी की वृद्धि है। कंपनी ने ‘निवेशक-स्वामित्व वाली कॉमर्स कंपनी’ बनने की दिशा में प्रगति का भी जिक्र किया और कहा कि एक जुलाई, 2026 को घरेलू हिस्सेदारी 50 फीसदी से अधिक हो गई।
निदेशक मंडल ने 18 अगस्त को होने वाली 13वीं वार्षिक आम बैठक से पहले विदेशी हिस्सेदारी की सीमा बढ़ाकर 49.5 फीसदी करने को मंजूरी दी है। कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2030-31 तक उसका खाद्य वितरण कारोबार 2.5 से 3.5 गुना तक बढ़ सकता है और लगभग 5,000 करोड़ रुपये का समायोजित ईबीआईटीडीए दे सकता है। यह वृद्धि किफायती ऑफर और ऑपरेशनल सुधारों से आएगी।
स्विगी ने कहा कि भारत का फूड सर्विस मार्केट 2026 में लगभग 9,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2031 तक लगभग 15,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। ज्यादा ऑर्डर फ्रीक्वेंसी और किफायती कीमतों से इस कैटेगरी में वृद्धि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके फूड डिलीवरी बिजनेस ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 9,490 करोड़ रुपये का जीओवी दर्ज किया, जो साल-दर-साल 18 फीसदी ज्यादा है, जबकि समायोजित ईबीआईटीडीए रन रेट बढ़कर 292 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के ‘आउट-ऑफ-होम कंजम्पशन’ बिजनेस, ‘डाइनआउट’ ने वित्त वर्ष 26 में सकारात्मक समायोजित ईबीआईटीडीए के साथ अपना पहला पूरा साल पूरा किया। इस दौरान इसका जीओवी 4,600 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 51 फीसदी की बढ़ोतरी है। स्विगी ने कहा कि डाइनआउट कारोबार 20,000-25,000 करोड़ रुपये के जीओवी और करीब 1,000 करोड़ रुपये ईबीआईटीडीए के लक्ष्य के साथ पांच गुना वृद्धि का लक्ष्य रखता है।
कंपनी की त्वरित आपूर्ति इकाई इंस्टामार्ट ने 2026-27 की पहली तिमाही में 7,907 करोड़ रुपये का जीओवी दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 40 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने कहा कि बेहतर इकाई अर्थशास्त्र के कारण लागत में कमी आई है और 45 प्रतिशत से अधिक स्टोर अब योगदान स्तर पर लाभ में हैं।स्विगी ने बताया कि इंस्टामार्ट 2030-31 तक 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक जीओवी का लक्ष्य रखती है, जिसके लिए चार करोड़ से अधिक मासिक ग्राहकों तक पहुंचने की योजना है, कंपनी ने कहा कि वह कर्ज-मुक्त है और उसके पास 14,400 करोड़ रुपये की नकद राशि उपल