Amarnath Yatra: आगामी अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी के साथ-साथ संवेदनशील ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अधिकारियों के अनुसार, CRPF महानिदेशक जी.पी. सिंह के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। घाटी के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे डीजी सिंह ने श्रीनगर में वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड कमांडरों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।
बैठक में यात्रा मार्गों पर सुरक्षा समन्वय को मजबूत करने और आतंकवाद विरोधी तैयारियों को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कमांडरों को ऊंची पहाड़ियों और संवेदनशील इलाकों में अभियान बढ़ाने तथा मैदानी क्षेत्रों में 24 घंटे कड़ी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम अमरनाथ यात्रा से पहले अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का हिस्सा है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दो प्रमुख मार्गों—पहलगाम और बालटाल—से पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं।
सुरक्षा कारणों से 1 जुलाई से यात्रा समाप्त होने तक अमरनाथ यात्रा के सभी मार्गों को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया गया है। इसके चलते यात्रा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए पैदल यात्रा करें या फिर पोनी और पालकी सेवाओं का उपयोग करें।
हर वर्ष जून से अगस्त के बीच आयोजित होने वाली अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालु कश्मीर हिमालय स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए कठिन पर्वतीय मार्ग तय करते हैं।