US-Iran War: अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर छोड़े गए ईरान के चार ड्रोन मार गिराए और इसके जवाब में इस्लामी गणराज्य के कुछ तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा ईरान पर दबाव बढ़ाने के बीच इस कार्रवाई से नाजुक संघर्षविराम पर खतरा और बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘इन हमलावर ड्रोन से क्षेत्रीय समुद्री यातायात को तत्काल खतरा था।’’
अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है। यह कदम वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान द्वारा बनाए गए दबाव के जवाब में उठाया गया है। इस स्थिति के कारण ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल आया है और मध्यावधि संसदीय चुनावों से पहले राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ‘‘भविष्य में हमलों से बचाव के लिए’’ उसने जलडमरूमध्य के एक द्वीप समेत कई रडार ठिकानों को निशाना बनाया। यह हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच हुए जवाबी हमलों की ताजा घटना है। इसी सप्ताह ईरानी ड्रोन हमलों में कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, कई लोग घायल हुए थे और कुछ समय के लिए हवाई अड्डा बंद करना पड़ा था। इन हमलों से संघर्षविराम टूटने की आशंकाएं बढ़ी हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘ईरान के साथ स्थिति काफी अच्छी लग रही है।’’