New Delhi: दिल्ली मास्टर प्लान-2047 में यातायात जाम की समस्या और गाड़ियों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ‘कंजेशन प्राइसिंग’ का सुझाव दिया गया है। इसके तहत, पीक आवर्स के दौरान भीड़-भाड़ वाले इलाकों से गुजरने पर प्राइवेट गाड़ियों से शुल्क लिया जाएगा।
इस मामले में पर्यावरण और जलवायु विशेषज्ञ लंबे वक्त से ऐसे कदम की वकालत करते आ रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे ज्यादा लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित होंगे, नतीजतन ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम होने में मदद मिलेगी।
कुछ विशेषज्ञों ने ‘कंजेशन प्राइसिंग’ का स्वागत किया है, लेकिन उनका मानना है कि इसके साथ ही बुनियादी ढांचे में सुधार भी किए जाने चाहिए।
उनका कहना है कि पैदल यात्रियों और साइकिल चलाने वालों के लिए सही ट्रैक बनाने से लेकर पार्किंग और ट्रैफिक नियमों को बेहतर ढंग से लागू करना जरूरी है।
हालांकि सरकार ने साफ किया है कि कंजेशन प्राइसिंग पर अभी सिर्फ विचार किया जा रहा है और इसे लागू करने की कोई तत्काल योजना नहीं है, लेकिन जानकारों का कहना है कि सबसे पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ाने और ट्रैफिक नियमों के पालन को मजबूत करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।