Delhi School: घंटी बजी… और कुछ ही सेकंड में, क्लास बंद। छात्र अपनी पानी की बोतलें उठाते हैं और क्लास शुरू होने से पहले जल्दी-जल्दी घूंट लेते हैं। ये कोई साधारण घंटी नहीं, ये “पानी पीने की घंटी” है। पूरी दिल्ली के स्कूलों में, इस घंटी का नया अर्थ है – ये घंटी लोगों को हाइड्रेटेड रहने की याद दिलाती है।
तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। येलो अलर्ट जारी है। ऐसे में स्कूलों में हर 45 से 60 मिनट पर ‘पानी की घंटी’ बजती है, ताकि छात्रों को पानी पीने और हाइड्रेटेड रहने की याद दिलाई जा सके।
विद्या बाल भवन के प्रधानाचार्य निशांत शर्मा ने बताया कि “हमने बच्चों को कहा है कि हर पीरिएड के बाद उन्हें पानी पीने की स्वतंत्रता दी है हमने, कि वो पीरिएड की जैसे ही बेल बजेगी, उसके बाद बोतल निकालेंगे और उस पानी को पिएंगे। हमने जो ड्रिंकिंग वाटर है, उसमें अरेंजमेंट किया है कि वायर कूलर लग करके उन्हें ठंडा, उसका प्रेशर बढ़वा दिया गया है, जिससे कि बच्चों को ठंडा पानी मिले और बोतल भरने के लिए हमने ये फ्रीनेस दी है कि वे कभी भी बोतल भरने के लिए अपने ड्रिंकिंग प्वाइंट तक जा सकते हैं।”
छात्रों का कहना है कि नई ‘पानी अलर्ट’ व्यवस्था ने उन्हें गर्मी में हाइड्रेटेड रहने के प्रति जागरूक रहने में मदद की है। ‘पानी एलर्ट’ व्यवस्था के अलावा, शहर भर के स्कूल सुरक्षित पेयजल और आपात स्थिति में ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन उपलब्ध कराने के भी उपाय कर रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक भीषण गर्मी के प्रति खास कर बुजुर्ग और बच्च ज्यादा संवेदनशील होते हैं। इनके लिए हाइड्रेशन और गर्मी के बचने के उपाय बेहद जरूरी हैं। गर्मी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में डॉक्टर ताकीद करते हैं कि पर्याप्त पानी पीना, सूती कपड़े पहनना और ठंडी जगहों में रहना जैसे एहतियाती कदम लोगों को लू से बचा सकते हैं।