EID 2026: दिल्ली समेत देश के किसी भी हिस्से में गुरुवार को ईद का चांद नजर नहीं आया, इसलिए ईद-उल-फितर का त्योहार केरल को छोड़कर पूरे देश में शनिवार को मनाया जाएगा और शुक्रवार को 30वां और आखिरी रोजा होगा।
फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने पीटीआई-वीडियो को बताया कि दिल्ली-एनसीआर के आसमान में बादल छाए हुए थे और यहां चांद नहीं दिखा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा गुजरात, बिहार और पश्चिम बंगाल के अलग अलग शहरों की चांद समितियों से संपर्क किया गया लेकिन कहीं से भी चांद दिखने की पुष्टि नहीं हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘लिहाजा फैसला किया गया है कि ईद-उल-फितर का त्योहार शनिवार 21 मार्च को मनाया जाएगा और शुक्रवार को 30वां व आखिरी रोजा होगा।’’ हालांकि केरल में ये त्योहार शुक्रवार को मनाया जाएगा। केरल में मौलवियों ने कहा कि शव्वाल का चांद परप्पनंगडी के चेट्टीप्पाडी में देखा गया।
वहीं, जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने एक बयान में कहा कि कहीं से ईद का चांद दिखने की खबर नहीं मिली है और शव्वाल (इस्लामी कैलेंडर के 10वें महीने) की पहली तारीख शनिवार को होगी। शव्वाल के महीने के पहले दिन ईद होती है।
उधर मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद से जुड़े इमारत ए शरीया हिंद ने भी ऐलान किया है कि गुरुवार को देश के किसी हिस्से में ईद का चांद नजर नहीं आया।
संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘लिहाजा ईद-उल-फितर 21 मार्च को होगी।’’ अभी इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना ‘रमजान’ चल रहा है जिसमें समुदाय के लोग रोजा रखते हैं। रमजान के महीने में रोजेदार सुबह सूरज निकलने से पहले से लेकर सूरज डूबने तक कुछ खाते-पीते नहीं हैं। ये महीना ईद का चांद नजर आने के साथ खत्म होता है।
इस्लामी कलेंडर के मुताबिक, महीना 29 या 30 दिन का होता है जो चांद दिखने पर निर्भर करता है। पिछले साल रमजान का महीना 29 दिन का था।