Ramayana: फिल्म निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ गुरुवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं। कुछ लोगों ने इसके भव्य दृश्यों, शानदार विजुअल इफेक्ट्स और कलाकारों के अभिनय की सराहना की, जबकि कई दर्शकों को इसकी कहानी और प्रस्तुति से वैसी संतुष्टि नहीं मिली, जैसी उन्हें इस महाकाव्य पर आधारित फिल्म से उम्मीद थी। खास तौर पर संवाद, किरदारों की व्याख्या और निर्देशन को लेकर दर्शकों की राय बंटी हुई नजर आई।
फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और यश रावण की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। कुछ दर्शकों को इसका विशाल सिनेमाई स्वरूप पसंद आया, तो कुछ ने महसूस किया कि कहानी में भावनात्मक जुड़ाव और प्रभावशाली संवादों की कमी रह गई। ऐसे दर्शकों ने इसकी तुलना रामायण के पुराने टेलीविजन रूपांतरणों से भी की। एक दर्शक ने 3D में फिल्म देखने के बाद अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि फिल्म ने कुछ हद तक मनोरंजन किया, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरी। उनके मुताबिक, बड़े बजट और भव्य निर्माण को देखते हुए उन्हें फिल्म से काफी अपेक्षाएं थीं, लेकिन देखने के बाद निराशा हुई।
दर्शक ने कहा, “ये एक बड़े बजट की फिल्म है, इसलिए मुझे लगा था कि ये अच्छी होगी। लेकिन इसे देखने के बाद मैं निराश हूं। फिल्म में कुछ भी खास नहीं है। मैंने इसे 3D में देखा, इसलिए थोड़ा मनोरंजन हो गया।” उन्होंने फिल्म की तुलना पुराने टीवी धारावाहिक ‘रामायण’ से करते हुए कहा कि उस रूपांतरण ने उन पर ज्यादा गहरा प्रभाव छोड़ा था। हालांकि, फिल्म में उन्हें रावण का किरदार सबसे प्रभावशाली लगा। इसके उलट, कुछ दर्शकों ने फिल्म के तकनीकी पक्ष और भव्य प्रस्तुति की जमकर प्रशंसा की। एक दर्शक के अनुसार, फिल्म में वीएफएक्स और सीजीआई का बेहतरीन इस्तेमाल किया गया है। इतने बड़े स्तर पर तैयार किए जाने के बावजूद फिल्म के कई दृश्य वास्तविकता के करीब महसूस होते हैं।
उन्होंने कहा, “ऐसी बहुत कम फिल्में होती हैं जिनमें वीएफएक्स, सीजीआई और बाकी सब कुछ इतना शानदार देखने को मिलता है। फिर भी, ये फिल्म काफी वास्तविक लगी।” इस दर्शक ने साई पल्लवी के अभिनय और यश के रावण वाले किरदार को भी सराहा। उनके मुताबिक, यश ने रावण को जिस अंदाज में पर्दे पर उतारा, वह उनकी कल्पना के काफी करीब था। वहीं, जटायु और रावण के बीच का दृश्य तथा पुष्पक विमान का चित्रण भी उन्हें खास तौर पर पसंद आया। एक अन्य दर्शक ने यश के संवाद अदायगी के अंदाज और संस्कृत उच्चारण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रावण जैसे प्रभावशाली किरदार को निभाने के लिए अभिनेता ने काफी मेहनत की है।
दर्शक के शब्दों में, “रावण तो रावण है। उनके संवाद बोलने का तरीका, उनका अंदाज, उनका एटीट्यूड… वे एक बेहतरीन अभिनेता हैं। उन्होंने बहुत शानदार काम किया है।” उन्होंने कहा कि यश के अभिनय में किरदार के लिए की गई तैयारी और मेहनत साफ दिखाई देती है। फिल्म में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर को लेकर भी कई दर्शकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। एक दर्शक ने बताया कि फिल्म का पहला हिस्सा इतना प्रभावशाली था कि उनकी नजरें लगातार स्क्रीन पर टिकी रहीं। वह कोई भी दृश्य मिस नहीं करना चाहते थे और उनके लिए फर्स्ट हाफ पूरी तरह पैसा वसूल रहा।
हालांकि, उन्हें उम्मीद थी कि दूसरे हिस्से में युद्ध से जुड़े कुछ और दृश्य देखने को मिलेंगे। इसके बावजूद उन्होंने माना कि निर्देशक के सामने करीब साढ़े तीन घंटे में पूरी कहानी को समेटने की चुनौती भी रही होगी। एक अन्य दर्शक ने फिल्म को शानदार बताते हुए निर्देशक नितेश तिवारी के काम की तारीफ की। उन्होंने सिनेमैटोग्राफी के लिए पंकज कुमार और मनीष लिमये के योगदान के साथ-साथ विजुअल इफेक्ट्स को भी सराहा। करीब तीन घंटे 15 मिनट की अवधि वाली इस फिल्म के बारे में उनका कहना था कि शुरुआती हिस्से को गति पकड़ने में थोड़ा समय जरूर लगा, लेकिन इसके बाद फिल्म ने उन्हें बांधे रखा।
उन्होंने भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर के अभिनय को शांत, संयमित और गरिमापूर्ण बताया। दर्शक के मुताबिक, अभिनेता ने किरदार को जरूरत से ज्यादा नाटकीय बनाने के बजाय सहजता और गंभीरता के साथ निभाया। उनके अभिनय में दिखाई देने वाला धैर्य और बारीकी इस भूमिका को प्रभावशाली बनाती है। कुल मिलाकर, ‘रामायण: पार्ट 1’ को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं में काफी विविधता देखने को मिल रही है। जहां फिल्म के भव्य सेटअप, तकनीकी गुणवत्ता और कुछ कलाकारों के अभिनय को सराहना मिल रही है, वहीं कहानी, संवाद और भावनात्मक प्रस्तुति को लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। दर्शकों की राय से साफ है कि फिल्म को एक ओर बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है, तो दूसरी ओर भारतीय जनमानस में गहरी जगह रखने वाले महाकाव्य की नई व्याख्या के तौर पर भी परखा जा रहा है।