Ayodhya: अयोध्या दीपोत्सव से छोटे दुकानदारों की चमकी किस्मत, दो-तीन गुना तक बढ़ी रोजाना की कमाई

Ayodhya: अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन शुरू होने से पहले ही इसकी रौनक स्थानीय छोटे कारोबारियों के चेहरों पर दिखाई देने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामनगरी में आयोजित हो रहे दीपोत्सव ने घाटों के आसपास छोटे दुकानदारों के कारोबार को रफ्तार दे दी है। राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में बढ़ती श्रद्धालुओं की आवाजाही और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार का असर अब स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी नजर आने लगा है।

दीपोत्सव की तैयारियों को देखने राम की पैड़ी और आसपास के घाटों पर पहुंच रहे लोग चाय, समोसे और झालमुड़ी जैसे खाने-पीने के सामान का लुत्फ उठा रहे हैं। इससे रेहड़ी-पटरी लगाने वाले दुकानदारों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सामान्य दिनों में जहां कुछ दुकानदार 800 से 1,000 रुपये तक प्रतिदिन कमा पाते थे, वहीं इन दिनों उनकी आमदनी 2,800 से 3,200 रुपये तक पहुंच रही है। यानी कई कारोबारियों की दैनिक कमाई करीब तीन गुना हो गई है।

घाटों पर बढ़ती भीड़ से कारोबार को मिला सहारा

इस बार अयोध्या में 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। राम की पैड़ी और आसपास के घाटों को सजाने-संवारने का काम जारी है। आयोजन की तैयारियां देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। खासकर शाम के समय घाटों पर बढ़ती भीड़ से चाय, समोसे और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ रही है।

परिवार के साथ घूमने आने वाले लोग घाटों पर समय बिताने के दौरान स्थानीय दुकानों से खरीदारी भी कर रहे हैं। मुख्य दीपोत्सव से पहले ही कारोबार में आई तेजी ने छोटे दुकानदारों को उत्साहित कर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि 7 नवंबर को मुख्य आयोजन के दिन श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ बिक्री में और इजाफा होगा।

समोसे की बढ़ी मांग से रोहित शुक्ला की कमाई में उछाल

गोंडा के रहने वाले रोहित शुक्ला रामनगरी के घाटों पर समोसे बेचते हैं। दीपोत्सव की तैयारियों के चलते उनके कारोबार में अच्छी तेजी आई है। रोहित के मुताबिक, सामान्य दिनों में उनकी रोजाना की कमाई करीब 700 से 900 रुपये रहती थी, लेकिन पिछले एक-दो दिनों में यह बढ़कर 2,500 से 3,000 रुपये तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से समोसे की बिक्री में लगभग तीन गुना तक बढ़ोतरी हुई है। उन्हें उम्मीद है कि मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार और बेहतर रहेगा।

लाई-चना की बिक्री बढ़ने से रविन्द्र कुमार को फायदा

अयोध्या के रुदौली निवासी रविन्द्र कुमार कनौजिया घाटों पर लाई-चना बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। दीपोत्सव के मद्देनजर बढ़ी भीड़ का सीधा लाभ उनके कारोबार को मिल रहा है। रविन्द्र बताते हैं कि इन दिनों सामान्य दिनों के मुकाबले मांग काफी बढ़ गई है और उनकी रोजाना की कमाई भी दो से तीन गुना तक हो रही है। घाटों पर घूमने आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक लाई-चना खरीद रहे हैं। उन्हें मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

चाय की बढ़ती बिक्री से प्रेम कुमार भट्ट भी उत्साहित

अयोध्या के सिकंदरपुर चौरी गांव के निवासी प्रेम कुमार भट्ट चाय बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दीपोत्सव की तैयारियों के बीच घाटों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से उनकी बिक्री भी बढ़ी है। प्रेम कुमार के अनुसार, सामान्य दिनों में वह प्रतिदिन 700 से 800 रुपये तक कमा पाते थे, जबकि अब उनकी आमदनी दो से तीन गुना हो गई है। उन्हें विश्वास है कि 7 नवंबर को मुख्य आयोजन के दौरान चाय की मांग और बढ़ेगी।

अयोध्या के विकास का लाभ स्थानीय कारोबारियों तक

राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी के साथ बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन गतिविधियों का भी विस्तार हुआ है। इसका सकारात्मक असर स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है। दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन इस आर्थिक गतिविधि को और गति दे रहे हैं। होटल, परिवहन और खानपान के कारोबार के साथ घाटों पर दुकान लगाने वाले छोटे विक्रेताओं को भी इसका लाभ मिल रहा है। इस तरह रामनगरी के विकास और धार्मिक पर्यटन की बढ़ती गतिविधियां स्थानीय लोगों के लिए कमाई के नए अवसर तैयार कर रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *