CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए प्रदेश में विशेष विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जरूरतों और क्षमताओं के अनुसार शिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध है। मौजूदा समय में राज्य के 21 विशेष विद्यालयों में 1,464 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
प्रयास, संकेत, ममता और स्पर्श में अलग-अलग जरूरतों के मुताबिक पढ़ाई
दिव्यांग बच्चों की विभिन्न श्रेणियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में चार प्रकार के राजकीय विशेष विद्यालय संचालित हैं। शारीरिक रूप से अक्षम बालकों के लिए ‘प्रयास’, मूक-बधिर विद्यार्थियों के लिए ‘संकेत’, मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त बालक-बालिकाओं के लिए ‘ममता’ और दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ‘स्पर्श’ विद्यालय की व्यवस्था की गई है। यहां विद्यार्थियों को उनकी जरूरत और सीखने की क्षमता के अनुरूप शिक्षा के साथ प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
16 विद्यालयों को मिला आईएसओ प्रमाणन
विशेष विद्यालयों में शैक्षिक सुविधाओं और प्रबंधन के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। प्रदेश के 21 विशेष विद्यालयों में से 16 को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षण एवं प्रशिक्षण व्यवस्था और बेहतर परिसर प्रबंधन के लिए आईएसओ प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
इन संस्थानों में विद्यार्थियों को उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई कराई जा रही है। इसके अलावा, आधुनिक तकनीक के जरिए शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्मार्ट क्लासेज की सुविधा भी विकसित की गई है।
दिव्यांग विद्यार्थियों की प्रतिभा और आत्मविश्वास को बढ़ावा
योगी सरकार की इन पहलों का मकसद दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के व्यापक दायरे से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने के अवसर देना है। विशेष विद्यालयों में आधुनिक शैक्षिक संसाधनों, बेहतर कैंपस प्रबंधन और जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण के जरिए विद्यार्थियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। इससे उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है।
जरूरत आधारित शिक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 21 विशेष विद्यालयों में 1,464 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। बच्चों की अलग-अलग दिव्यांगता और आवश्यकताओं के अनुसार प्रयास, संकेत, ममता और स्पर्श विद्यालयों में विशेष शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्मार्ट क्लासेज के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है।