Gorakhpur: गोरखपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें और समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने सभी को भरोसा दिलाया कि उनकी परेशानियों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। वहीं, IGRS पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण को लेकर गलत रिपोर्ट दर्ज किए जाने की शिकायतों पर सीएम योगी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर जनता दर्शन का आयोजन हुआ। यहां पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। सीएम योगी ने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतें सौंपते हुए स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाए और हर व्यक्ति की परेशानी के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया जाए।
जनता दर्शन में कुछ लोगों ने IGRS यानी समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली पर दर्ज शिकायतों के संबंध में गलत रिपोर्ट लगाए जाने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या गलत जानकारी देने वालों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश
जनता दर्शन में जमीन पर जबरन कब्जा करने से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में पीड़ितों को लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है, उनकी जांच कराई जाए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो।
इलाज के लिए आर्थिक मदद का दिया भरोसा
जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि पैसों की कमी के कारण किसी का इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल से उपचार का एस्टीमेट प्राप्त कर सहायता संबंधी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने और प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जरूरतमंदों को इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
दिव्यांग युवती के भाई को रोजगार दिलाने के लिए पहल
कार्यक्रम में एक दिव्यांग युवती ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इंटरमीडिएट पास भाई के लिए रोजगार की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इस मामले में अधिकारियों को युवती की मदद करने और उसके भाई को रोजगार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दोहराया कि जनता की शिकायतों का समाधान शासन की प्राथमिकता है। हर पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।