Jammu: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आरक्षण के मुद्दे पर वहीद पारा ने स्थगन प्रस्ताव किया पेश

Jammu:  पुलवामा से PDP विधायक वहीद-उर-रहमान पारा ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए आरक्षण नीति से जुड़े मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की।

पारा ने आरक्षण के मुद्दे पर जारी कथित अन्याय और देरी पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि ओपन मेरिट वर्ग के विद्यार्थियों के हितों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

आरक्षण का मुद्दा उस समय से लगातार चर्चा में है, जब जम्मू-कश्मीर सरकार ने दिसंबर 2024 में मौजूदा आरक्षण नियमों को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से उठाई गई शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति का गठन किया था। इस समिति में मंत्री सकीना मसूद इटू, जावेद अहमद राणा और सतीश शर्मा शामिल थे।

उप-समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का समय दिया गया था। समिति ने जून 2025 में अपनी रिपोर्ट तैयार की, जिसके बाद रिपोर्ट कैबिनेट और सरकार की समीक्षा प्रक्रिया से गुजरी।

आरक्षण नीति ओपन मेरिट के अभ्यर्थियों के बीच एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। ओपन मेरिट वर्ग के लिए उपलब्ध सीटों के अनुपात को लेकर भी चिंताएं उठाई जाती रही हैं। यह मुद्दा जम्मू-कश्मीर सरकार की विधायी और प्रशासनिक चर्चाओं में भी सामने आता रहा है।

स्थगन प्रस्ताव पर सरकार और विधानसभा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया तथा आगे की कार्यवाही का विवरण अभी सामने आना बाकी है।

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