Uttarkashi: दयारा बुग्याल में गूंजी मक्खन की होली, बारिश भी नहीं रोक पाई उत्साह

Uttarkashi: उत्तरकाशी के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल में आज लोक संस्कृति और परंपरा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। 11 हजार फीट की ऊंचाई पर प्रसिद्ध अंडूडी उत्सव में मक्खन की होली खेली गई। भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद ग्रामीणों और पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। हालांकि खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दयारा बुग्याल नहीं पहुंच पाए।

उत्तरकाशी के रैथल गांव और दयारा बुग्याल में दो दिवसीय अंदूरी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। 11 हजार फीट की ऊंचाई पर मखमली घास के मैदानों के बीच ग्रामीणों ने मक्खन की होली खेलकर सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत किया।
भारी बारिश के बावजूद उत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और पर्यटक पहुंचे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने लोकगीत और लोकनृत्य के जरिए पहाड़ी संस्कृति की शानदार झलक पेश की। राधा कृष्ण के साथ मटकी फोड़ते ही ग्रामीण झूम पड़े।दयारा बुग्याल में मक्खन की होली सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आस्था, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी सदियों पुरानी विरासत है। यही वजह है कि हर साल देश-दुनिया से पर्यटक इस अनूठे आयोजन का हिस्सा बनने पहुंचते हैं।

इस बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भी उत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम था, लेकिन खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण उनका दयारा बुग्याल पहुंचना संभव नहीं हो पाया। हालांकि मुख्यमंत्री के गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट मौजूद थे।बारिश ने जरूर रास्ते में चुनौती खड़ी की, लेकिन ग्रामीणों के उत्साह को नहीं रोक सकी। मक्खन की होली के साथ दयारा बुग्याल एक बार फिर लोक संस्कृति, परंपरा और पर्यटन का केंद्र बन गया और ग्रामीणों के साथ पर्यटक प्रकृति के धन्यवाद करते नजर आए।

यह उत्सव ग्रामीण और प्रकृति के बीच का एक बड़ा रिश्ता विश्वास दिखाता है पहाड़ की सदियों पुरानी परंपरा, प्रकृति की खूबसूरती और ग्रामीणों का उत्साह—दयारा बुग्याल का अंदूरी उत्सव एक बार फिर अपनी खास पहचान छोड़ गया।

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