Ramnagar: रामनगर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण की एक सुखद खबर सामने आई है,कुछ दिन पहले झिरना रेंज के घास के मैदान में अपने झुंड से बिछड़ा मिला हाथी का बच्चा अब सुरक्षित रूप से अपनी मां और पूरे झुंड के साथ लौट गया है,कॉर्बेट प्रशासन की सतर्कता, उपचार और लगातार निगरानी के चलते यह रेस्क्यू अभियान सफल रहा।
जानकारी देते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह ने बताया कि झिरना रेंज के ग्रासलैंड क्षेत्र में वनकर्मियों को गश्त के दौरान हाथी का एक छोटा बच्चा अकेला मिला था,उस समय उसके आसपास हाथियों का कोई झुंड मौजूद नहीं था। हाथी के शरीर पर कुछ मामूली चोटें भी थीं, जिसके बाद पार्क प्रशासन की टीम ने तत्काल उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर झिरना कैंप परिसर में रखा, वहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया और नियमित रूप से भोजन व देखभाल की गई, जिससे उसकी हालत में लगातार सुधार होता गया।
पार्क वार्डन ने बताया कि वन विभाग का मुख्य उद्देश्य हाथी के बच्चे को उसकी मां और झुंड से दोबारा मिलाना था। इसके लिए लगातार प्रयास किए गए और उस क्षेत्र की निगरानी की जाती रही, जहां हाथियों का झुंड मंडरा रहा था,उन्होंने बताया कि कैंप के आसपास बच्चे की मां भी झुंड के साथ मौजूद थी, जैसे ही उचित अवसर मिला, वनकर्मियों ने हाथी के बच्चे को कैंप से बाहर छोड़ा, बाहर आते ही उसकी मां ने उसे अपने साथ स्वीकार कर लिया और पूरा झुंड उसे लेकर जंगल की ओर रवाना हो गया।
उन्होंने कहा कि यह रेस्क्यू अभियान पूरी तरह सफल रहा है और हाथी का बच्चा अब अपने परिवार के साथ जंगल में सामान्य रूप से विचरण कर रहा है, हालांकि कॉर्बेट प्रशासन अभी भी पूरे झुंड की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चा पूरी तरह सुरक्षित रहे और उसके स्वास्थ्य पर भी नजर बनी रहे।
वन विभाग की इस संवेदनशील पहल को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है,यह अभियान दर्शाता है कि समय पर रेस्क्यू, उचित उपचार और वैज्ञानिक निगरानी से वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास और परिवार से सुरक्षित रूप से दोबारा जोड़ा जा सकता है।