PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात इंस्टाग्राम लाइव के जरिए देशवासियों, खासकर युवाओं और जेन-जी को संबोधित किया। जंतर-मंतर की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे गए, लेकिन वह उन बच्चों को सजा नहीं, बल्कि माफी और सही मार्गदर्शन देना चाहते हैं। उन्होंने समाज से भी अपील की कि गुमराह युवाओं को सही रास्ता दिखाने में साथ दें।
क्या बोले पीएम मोदी?
रात करीब 11 बजे प्रसारित अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि हाय फ्रेंड्स, आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं। जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं, लेकिन वह इस घटना को अलग नजरिए से देखते हैं।
‘बचपन में गलतियां होती हैं, सुधार का मौका भी मिलता है’
प्रधानमंत्री ने कहा कि बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक है और उसी उम्र में सुधार का अवसर भी मिलता है। उन्होंने माना कि समाज में इस घटना को लेकर आक्रोश है और यह सांस्कृतिक झटका भी है कि हमारी बेटियां इस तरह की भाषा कैसे बोल सकती हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को समाज से अलग करने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है।
Abuses never solve anything.
Let’s guide the misguided.
Let’s work together.
Let’s work for Bharat. pic.twitter.com/yAePG60KYL
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि गुमराह बच्चों को अदालतों के चक्कर कटवाने या समाज में प्रताड़ित करने से परिस्थितियां नहीं बदलेंगी। उन्होंने कहा कि वह उन्हें माफ करना चाहते हैं और समाज से भी इस भावना को स्वीकार करने की अपील की। उन्होंने अपनी बात समझाते हुए कहा कि जैसे कभी-कभी दांतों के बीच जीभ आ जाती है और चोट लग जाती है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ते क्योंकि दोनों हमारे अपने हैं। उसी तरह ये बच्चे भी हमारे हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज की जिम्मेदारी है।