Haridwar: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुई भीषण अग्निकांड की घटना के बाद हरिद्वार पुलिस और अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। जनपद में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने सभी थाना प्रभारियों एवं अग्निशमन अधिकारियों को फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा और निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी के निर्देशों के क्रम में जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, होटल, अस्पताल, विद्यालयों तथा अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का विशेष ऑडिट किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान फायर फाइटिंग उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता, अग्निशमन यंत्रों की स्थिति तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की गहन जांच की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान किसी प्रकार की कमी या लापरवाही पाई जाएगी, उन्हें तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमें विशेष अभियान चलाकर विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि सभी स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संस्थानों के संचालकों से अपील की कि वे अपनी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को अद्यतन रखें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण सुनिश्चित करें।
उन्होंने आम नागरिकों से भी आग से संबंधित सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा संबंधी कमी की सूचना तत्काल प्रशासन को देने का आग्रह किया।