Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर की पहचान ना सिर्फ देश के सबसे साफ-सुथरे शहर की, बल्कि नायाब कला केंद्र की भी है। कबाड़ से बनी खूबसूरत कलाकृतियां पूरे शहर के बागीचों की शोभा बढ़ा रही हैं।
कबाड़ लोहे, बेकार टायरों और रद्दी प्लास्टिक को जानवर, गाड़ियां, गुब्बारे, पेड़ जैसी आकृतियों में ढाला गया है। इंदौर के महापौर ने बताया कि ‘कचरे से कला’ पहल का मकसद सार्वजनिक जगहों पर बेकार सामानों के दोबारा इस्तेमाल का संदेश फैलाना है।
ये बागीचे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए प्रिय हैं। ये दोस्तों और परिवार के साथ शांति से समय बिताने के लोकप्रिय जगह हैं। लोगों को उम्मीद है कि ये बागीचे बच्चों को मोबाइल से चिपके रहने के बजाय बाहर समय बिताने के लिए प्रेरित करेंगे।
ये पहल इंदौर की भारत के सबसे साफ-सुथरे शहर की छवि को और मजबूत कर रही है। साथ ही सार्वजनिक जगहों की खूबसूरती भी बढ़ा रही है।