Corbett Monsoon:12 रेंजों में रोजाना 600 किमी से अधिक गश्त, ड्रोन और हाथियों से कड़ी निगरानी

Corbett Monsoon : मॉनसून के आगमन के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ कर दिया गया है। वन्यजीवों की सुरक्षा, जंगलों की निगरानी तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कॉर्बेट प्रशासन ने व्यापक स्तर पर मॉनसून गश्त अभियान शुरू किया है। कॉर्बेट और कालागढ़ टाइगर रिजर्व की कुल 12 रेंजों में प्रतिदिन 600 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में निगरानी और गश्त की जा रही है।

कॉर्बेट प्रशासन के अनुसार प्रत्येक रेंज में 50 से 100 वनकर्मी तैनात हैं, जिन्हें अलग-अलग टीमों में विभाजित किया गया है। ये टीमें जंगल के संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं। एक रेंज में प्रतिदिन औसतन 100 से 120 किलोमीटर क्षेत्र कवर किया जा रहा है, जिससे वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ किसी भी अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

मॉनसून के दौरान घने जंगल, ऊंची घास, बरसाती नाले और दुर्गम क्षेत्र वन्यजीव अपराधियों के लिए अवसर बन सकते हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है। वनकर्मी पैदल गश्त के साथ-साथ हाथियों की सहायता से उन क्षेत्रों तक भी पहुंच रहे हैं, जहां वाहन नहीं पहुंच सकते।

आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन कैमरों के जरिए जंगल के बड़े हिस्से की निगरानी की जा रही है, जबकि सैटेलाइट आधारित मॉनिटरिंग और उन्नत संचार प्रणाली की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के लिए विशेष टीमें चौबीसों घंटे तैयार हैं।

मॉनसून सीजन को देखते हुए कॉर्बेट के कई पर्यटन जोन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। बरसात के दौरान सड़कों के क्षतिग्रस्त होने, नालों में जलस्तर बढ़ने और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। पर्यटन गतिविधियां सीमित होने के बाद वन विभाग का पूरा ध्यान जंगल की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण पर केंद्रित हो जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मॉनसून का समय वन्यजीवों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान प्राकृतिक जल स्रोत सक्रिय हो जाते हैं, वनस्पतियों का तेजी से विकास होता है और कई वन्यजीव प्रजातियों का प्रजनन काल भी शुरू होता है। ऐसे में उनके आवास और सुरक्षा की रक्षा करना वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

देश के सबसे महत्वपूर्ण बाघ संरक्षण क्षेत्रों में शुमार कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघ, हाथी, तेंदुआ, भालू, घड़ियाल और सैकड़ों पक्षी प्रजातियां निवास करती हैं। यही वजह है कि मॉनसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाता है, ताकि वन्यजीवों को किसी प्रकार का खतरा न हो और जंगल की समृद्ध जैव विविधता सुरक्षित बनी रहे।

वन विभाग का कहना है कि मॉनसून गश्त अभियान पूरे सीजन के दौरान लगातार जारी रहेगा। ड्रोन, हाथियों, सैटेलाइट मॉनिटरिंग और पैदल गश्त के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कॉर्बेट के जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

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